धानापुर–गुरैनी चकबंदी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप; रद्द कर नई पारदर्शी प्रक्रिया की मांग

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चंदौली, 25 मई 2026 — गुरैनी व धानापुर की चकबंदी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में भाकपा (माले) और अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला मुख्यालय पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के प्रतिनिधि सदर उपजिलाधिकारी को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मौजूदा चकबंदी रद्द कर नई और पारदर्शी प्रक्रिया की माँग की।



भाकपा (माले) के जिला सचिव अनिल पासवान ने आरोप लगाया कि भूमाफियाओं के प्रभाव के चलते अधिकारियों द्वारा किसानों की जमीनें मनमाने तरीके से काटी गईं, तथा स्कूल, आंगनबाड़ी और खेल के मैदान जैसी सार्वजनिक व सरकारी संपत्तियों की खाली भूमि गलत स्थानों पर स्थानांतरित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि गंगा के कटान प्रभावित इलाकों की जमीनों को कानून के अनुसार कम से कम 200 मीटर की दूरी पर रखा जाना चाहिए, परन्तु यहाँ यह नियम लागू नहीं किया गया है और ये जमीनें हर वर्ष कटान से प्रभावित हो रही हैं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बिझवल स्थित नवीन परती की जमीन तथा अमर वीर इंटर कॉलेज की अभिलेखित 26 एकड़ भूमि को घटाकर 17 एकड़ दिखाया गया है। अमर वीर इंटर कॉलेज के प्रबंधक डॉ. विशाल सिंह ने बताया कि समाजसेवकों द्वारा दान की गई यह 26 एकड़ राजकीय अभिलेखों में दर्ज थी, लेकिन कथित साजिश के कारण इसकी मात्रा घटा दी गई, जिससे संस्थागत भूमि पर अवैध कब्जे की संभावना बढ़ गई है।

विवादित चकबंदी रद्द कर नई एवं पारदर्शी चकबंदी करायी जाए।
गंगा कटान प्रभावित जमीनों की चकबंदी पर रोक लगायी जाए।
नरौली-धानापुर के 14 दलित परिवारों की सीलिंग भूमि के पट्टों में आवंटित नाम स्पष्ट रूप से राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराये जाएँ। 

लघु डाल नहर (नगवां–गुरैनी–विरासराय पंप कैनाल) की मरम्मत कर टेल तक पानी पहुँचाने का कार्य किया जाए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे और कड़े आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जिलाधिकारी या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं मिली है।

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