धानापुर के अतिरिक्त निरीक्षक सलील स्वरूप आदर्श निलंबित, जनसुनवाई, गश्त और ड्यूटी में लापरवाही पड़ी भारी

पुलिस की कार्यप्रणाली की असली कसौटी थाने में जनसुनवाई से लेकर सड़क पर गश्त और शांति व्यवस्था बनाए रखने तक है। इन बुनियादी जिम्मेदारियों से दूरी और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी पर अतिरिक्त निरीक्षक का निलंबन बताता है कि पुलिस महकमे में पद की वरिष्ठता नहीं, बल्कि कर्तव्य के प्रति जवाबदेही सर्वोपरि है।

फोटो पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल 

चंदौली। पुलिस विभाग में जिम्मेदारी से दूरी बनाना और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करना धानापुर थाने पर तैनात अतिरिक्त निरीक्षक सलील स्वरूप आदर्श को भारी पड़ गया। कार्य के प्रति लापरवाही, जनसुनवाई से गैरहाजिरी और शांति व्यवस्था ड्यूटी के साथ सायंकालीन गश्त में रुचि नहीं लेने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल जनपद में पुलिस व्यवस्था को अनुशासित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रहे हैं। इसी क्रम में धानापुर थाने पर अतिरिक्त निरीक्षक ना0पु0 के पद पर नियुक्त सलील स्वरूप आदर्श की कार्यप्रणाली में गंभीर लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अतिरिक्त निरीक्षक पर सरकारी कार्यों में रुचि नहीं लेने और उच्चाधिकारियों के आदेशों एवं निर्देशों का अनुपालन नहीं करने का आरोप है। थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में जनसुनवाई के लिए उपस्थित नहीं रहने के साथ ही शांति व्यवस्था ड्यूटी और सायंकालीन गश्त में भी प्रतिभाग नहीं किया जा रहा था। अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में इस तरह की उदासीनता को विभागीय अनुशासन के विपरीत माना गया।

मामले में क्षेत्राधिकारी सकलडीहा की ओर से 4 नवंबर 2026 को प्रस्तुत आख्या के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की। इसके साथ ही पूरे प्रकरण की विभागीय जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।

लापरवाही पर कार्रवाई का स्पष्ट संदेश

पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने स्पष्ट किया है कि पुलिस विभाग में कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, कार्यों में ढिलाई और अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी के प्रति उदासीनता बरतने और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।