गंगा के आसमान में गरजेंगे 100 विमान, आज वाराणसी में होगा ‘विंग्स ओवर गंगेज’ एयर शो

एयर शो आधुनिक विमानन तकनीक, पायलटों के प्रशिक्षण, सटीक उड़ान और सैन्य इकाइयों के बीच समन्वय को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन युवाओं में विमानन और रक्षा क्षेत्र के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ देश की सैन्य क्षमताओं से परिचित कराते हैं।

नमो घाट पर राफेल, सुखोई और तेजस दिखाएंगे हवाई ताकत; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ होंगे शामिल

वाराणसी। भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रविवार, 25 अक्टूबर को वाराणसी के नमो घाट पर भव्य एयर शो आयोजित किया जाएगा। गंगा के ऊपर होने वाले इस हवाई प्रदर्शन में 100 विमान अपनी ताकत, सटीक उड़ान और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की जानकारी दी गई है।

इस भव्य आयोजन में 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और एक विरासत विमान शामिल होंगे। राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, तेजस, मिग-29 और जगुआर जैसे लड़ाकू विमानों के साथ चिनूक, अपाचे, प्रचंड और सी-17 ग्लोबमास्टर भी अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

सूर्यकिरण और सारंग टीम दिखाएंगी करतब

एयर शो के प्रमुख आकर्षणों में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम शामिल हैं। सूर्यकिरण टीम के विमान आसमान में सटीक संरचनाओं और रोमांचक करतबों का प्रदर्शन करेंगे, जबकि सारंग टीम के हेलीकॉप्टर तालमेलपूर्ण उड़ान से दर्शकों को आकर्षित करेंगे। भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो भी कार्यक्रम में भाग लेंगे।

तिरंगे के रंगों से सजेगा गंगा का आसमान

‘काशी’ फॉर्मेशन के तहत तीन किरण विमान वी-आकार में उड़ान भरकर आसमान में तिरंगे के रंगों की छटा बिखेरेंगे। ‘ओमकार’ फॉर्मेशन में एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज और वायुसेना ध्वज लेकर उड़ान भरेंगे। वहीं, ‘गंगा’ फॉर्मेशन में चेतक हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा की जाएगी।

‘त्रिदेव’ फॉर्मेशन में वायुसेना, थलसेना और नौसेना के हेलीकॉप्टर संयुक्त उड़ान भरकर तीनों सेनाओं की एकजुटता और तालमेल का प्रदर्शन करेंगे। ‘प्रचंड’ फॉर्मेशन में छह प्रमुख लड़ाकू विमानों की संयुक्त उड़ान दर्शकों के लिए खास आकर्षण होगी।

स्वदेशी तकनीक और सैन्य शक्ति का प्रदर्शन

स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस ‘अस्सी’ कॉलसाइन के तहत कम ऊंचाई पर हवाई करतब दिखाएगा। राफेल और सुखोई सहित अन्य लड़ाकू विमानों की उड़ानें भी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेंगी। इस प्रदर्शन में देश के 12 एयरबेस से विमानों के भाग लेने की जानकारी दी गई है। इनमें चेन्नई के पास स्थित अरक्कोनम नौसैनिक एयरबेस भी शामिल है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथियों के आगमन को देखते हुए वाराणसी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। नमो घाट, प्रमुख घाटों, वीवीआईपी मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

एयर शो भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता, स्वदेशी विमानन तकनीक, पायलटों के कौशल और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को प्रदर्शित करेगा। गंगा के ऊपर होने वाला यह आयोजन काशी के आसमान में सैन्य शक्ति, हवाई कौशल और राष्ट्रगौरव की झलक पेश करेगा।