मोदी के वाराणसी दौरे से पहले यूजीसी मुद्दे पर मुखर भूपेंद्र सिंह हाउस अरेस्ट, सरकार पर तानाशाही का आरोप

प्रधानमंत्री के दौरे पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस एहतियाती कदम उठा सकती है, लेकिन किसी व्यक्ति को नजरबंद किए जाने की कार्रवाई का आधार स्पष्ट होना जरूरी है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही कार्रवाई की परिस्थितियों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

चंदौली के सदलपुरा स्थित आवास पर रात आठ बजे से पुलिस तैनाती का दावा, रविवार शाम तक नजरबंद रखने की बात

चंदौली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी आगमन के बीच यूजीसी मुद्दे पर मुखर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह को चंदौली में हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। भूपेंद्र सिंह के मुताबिक, शनिवार रात आठ बजे से पुलिस ने उन्हें सदलपुरा (अलीनगर) स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। उन्होंने इसे सरकार की तानाशाही बताते हुए सवाल उठाए हैं।

भूपेंद्र सिंह का दावा है कि प्रधानमंत्री के वाराणसी दौरे को देखते हुए पुलिस ने उन्हें रविवार शाम तक घर से बाहर नहीं निकलने देने की बात कही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के मुद्दे पर उनकी मुखरता के चलते उन्हें निशाने पर लिया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भूपेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को बचाने के लिए दिन-रात पुलिस लगा दी गई है। उन्होंने यूजीसी के मुद्दे पर अपना विरोध दोहराते हुए ‘यूजीसी रोल बैक’ की मांग भी उठाई।

उनके अनुसार, पुलिसकर्मियों ने नजरबंदी के लिए ऊपर से आदेश आने की बात कही। हालांकि, आदेश किस अधिकारी ने जारी किया और कार्रवाई का आधिकारिक आधार क्या है, इस पर पुलिस-प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।