पितृपक्ष मेले में श्रद्धालुओं की सुगम यात्रा को रेलवे प्रतिबद्ध

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टिकटिंग, सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं की व्यापक तैयारी
डीडीयू नगर, चंदौली। पितृपक्ष मेला के दौरान गया आने वाले श्रद्धालुओं की रेल यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। रेलवे ने टिकटिंग व्यवस्था, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और निर्बाध आवागमन को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। पिछले वर्ष मेला अवधि में करीब 15 से 20 लाख यात्रियों के आवागमन को देखते हुए इस बार संभावित भीड़ के अनुरूप संसाधनों और व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है।

पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक डिंपी गर्ग ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्टेशन, मंडल और मुख्यालय स्तर पर लगातार निगरानी रखने तथा यात्री दबाव के अनुसार व्यवस्थाओं में तत्काल बदलाव करने पर जोर दिया है।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना की निगरानी में तैयारियों की समीक्षा चल रही है। मेला अवधि में स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती के साथ टिकट जांच, यात्री सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को जरूरत के अनुसार बढ़ाया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से भी समन्वय रखा जाएगा।
अतिरिक्त टिकट काउंटर और मोबाइल टिकटिंग
श्रद्धालुओं को टिकट के लिए लंबी कतारों से बचाने के लिए गया जंक्शन, विष्णुपद और रामसागर तालाब क्षेत्र में अतिरिक्त सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। रामसागर तालाब में यात्री आरक्षण प्रणाली दो पालियों में संचालित करने का प्रावधान है। विष्णुपद में सहायता काउंटर और मोबाइल अनारक्षित टिकट प्रणाली उपलब्ध कराने की तैयारी है।
गया जंक्शन के यात्री आरक्षण केंद्र पर एक अतिरिक्त काउंटर प्रस्तावित है। मेला अवधि में करंट आरक्षण काउंटर 24 घंटे संचालित करने की योजना है। अनारक्षित टिकट के लिए मुख्य बुकिंग क्षेत्र में 10 और डेल्हा क्षेत्र में तीन काउंटर निर्धारित पालियों में चलाए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर मोबाइल टिकट मशीन, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन और अतिरिक्त कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
संकेतक और उद्घोषणा से मिलेगा स्पष्ट मार्गदर्शन
स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों तथा यात्री सुविधाओं से जुड़े संकेतकों को दुरुस्त किया जा रहा है। पुराने और खराब प्रकाशमान संकेतकों को बदला जाएगा। ट्रेनों के आगमन और प्लेटफॉर्म की स्पष्ट उद्घोषणा के साथ यात्रियों को सुरक्षा संबंधी संदेश भी दिए जाएंगे।
स्टेशन परिसर में उपलब्ध प्रतीक्षालय और होल्डिंग क्षेत्रों का बेहतर उपयोग किया जाएगा। यात्रियों के बैठने, पेयजल और भोजन की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग यात्रियों के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त व्हीलचेयर, सहायता कर्मी और सहयोग काउंटर उपलब्ध कराने की तैयारी है।
स्वच्छता और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर
मेला के दौरान प्लेटफॉर्म, यात्री क्षेत्र, प्रवेश-निकास और परिसंचरण क्षेत्रों में साफ-सफाई की नियमित निगरानी होगी। रेलवे ने पार्सल और अन्य सामग्री को इस तरह रखने के निर्देश दिए हैं कि यात्रियों के रास्ते बाधित न हों। पार्सल पैकेजों को जल्द हटाने तथा पार्सल वाहनों और ठेलों से यात्री आवागमन प्रभावित नहीं होने देने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
सीसीटीवी से निगरानी, भीड़ नियंत्रण की तैयारी
भीड़ वाले प्रवेश-निकास बिंदुओं, होल्डिंग क्षेत्रों, प्रतीक्षालय, फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म पर जरूरत के अनुसार टिकट जांच एवं भीड़ नियंत्रण कर्मी तैनात किए जाएंगे। सीसीटीवी और अन्य निगरानी प्रणालियों से यात्री आवागमन पर नजर रखी जाएगी। स्थानीय रेलकर्मियों को किसी भी अतिरिक्त आवश्यकता या समस्या की जानकारी तत्काल अधिकारियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विशेष ट्रेनों की भी तैयारी
पितृपक्ष से जुड़े स्टेशनों पर संभावित यात्री दबाव को देखते हुए अतिरिक्त विशेष ट्रेनों के परिचालन और महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। अंतिम निर्णय यात्री मांग, उपलब्ध संसाधनों और परिचालन परिस्थितियों के आधार पर लिया जाएगा।
रेलवे का लक्ष्य मेला अवधि में गया आने वाले श्रद्धालुओं को टिकट से लेकर ट्रेन तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया में सुविधा और सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इसके लिए तैयारियों की लगातार समीक्षा की जाएगी और यात्री दबाव के अनुसार व्यवस्थाओं में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।

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