पुलिस संरक्षण में इसौटा के सवर्ण सामंतियो द्वारा दलित को जिंदा जलाया गया- भाकपा माले

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हमलावरों और इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की बजाय 75 दलित-आदिवासी को गंभीर धाराओं में जेल- श्रवण कुमार 

चंदौली, सटीक संवाद, 22 जुलाई 2025। प्रयागराज जिले में करछना थाना क्षेत्र के इसौटा गांव में 29 जून 2025 को दलितों-आदिवासियों पर भीषण हमले की घटना हुई. हमला स्थानीय सवर्ण सामंती दबंगों द्वारा पुलिस संरक्षण में किया गया. घटना में एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगभग 75 दलित-आदिवासी नौजवानों को गंभीर धारा लगाकर जेल भेज दिया गया है. भाकपा-माले के राज्य व्यापी आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर सकलडीहा तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन के 42 वें दिन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के प्रतिनिधि नायब तहसीलदार को सौंपा.

फोटो : भाकपा माले कार्यकर्ता नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए 

आरोप लगाया कि हमले की घटना वाले दिन यानी 29 जून को भीम आर्मी प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर आजाद प्रयागराज में उक्त गांव के एक पीड़ित दलित परिवार से मिलने जाना चाहते थे. इस दलित परिवार के सदस्य देवीशंकर को 12 अप्रैल 2025 को गांव के ही दबंगों ने जला कर मार डाला था. पीड़ित परिवार आज भी न्याय की आस में है.
प्रशासन द्वारा सांसद चंद्रशेखर को उक्त दलित परिवार से मिलने की इजाजत न देने और उन्हें प्रयागराज में ही रोक लेने पर, उनके इंतजार में एकत्र हुए लोगों ने निकट के भडेवरा बाजार में सड़क जाम कर शांतिपूर्ण विरोध किया, जिस पर बाजार के सवर्ण सामंती दबंगों ने पुलिस के साथ मिलकर हमला कर दिया. गाड़ियों को तोड़ा और जलाया गया. इस घटना के कई वीडियो में पुलिस के साथ स्थानीय दबंगों द्वारा पत्थर मारने व गाड़ी तोड़ने का फुटेज साफ-साफ दिखता है. 
लेकिन न तो इन हमलावरों और न ही इसमें संलिप्त पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई. बल्कि एकतरफा कार्रवाई करते हुए लगभग 75 दलित-आदिवासी नौजवानों को गंभीर धारा लगाकर जेल भेज दिया गया है.
भाकपा (माले), आइसा व इंकलाबी नौजवान सभा की संयुक्त जांच टीम ने 01 जुलाई 2025 को घटनास्थल का दौरा किया और उक्त तथ्य जुटाए। बाद में, प्रयागराज के नागरिक समाज की ओर से भी जांच दल गया और दलितों-आदिवासियों पर हमले और उनके दोहरे उत्पीड़न की घटना को सत्य पाया.
उक्त घटना के खिलाफ और जेल में बंद मजदूर पृष्ठभूमि से आने वाले बेगुनाह दलित-आदिवासी-गरीब नौजवानों को न्याय दिलाने के लिए, आज दिनांक 22 जुलाई 2025 को भाकपा (माले) द्वारा घोषित राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत, हम घटना का प्रतिवाद करते हुए प्रस्तुत ज्ञापन के माध्यम से निम्नलिखित मांग करते हैं :- 
1. भडेवरा करछना प्रयागराज में 29 जून की घटना के सिलसिले में जेल में बंद दलित-आदिवासी नौजवानों को बिना शर्त अविलंब रिहा किया जाए और उन पर दर्ज फर्जी मुकदमे हटाये जाएं.
2. घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए.
3. घटना के जिम्मेदार स्थानीय दबंगों व संलिप्त पुलिस-प्रशासन के लोगों पर कार्रवाई की जाए.
4. मृतक देवीशंकर के परिवार को न्याय, मुआवजा, जमीन व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए.
5. प्रदेश में दलितों, आदिवासियों, महिलाओं, अल्पसंख्यकों समेत कमजोर वर्गों के उत्पीड़न और दबंगों को संरक्षण देने पर रोक लगाई जाए.

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