सोशल मीडिया की प्रत्येक पोस्ट पर पुलिस की पैनी नजर : एसपी

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चन्दौली। लोकसभा चुनाव 2024 के दृष्टीगत सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, विशेष जाति-धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने व शेयर करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर की जाएगी गिरफ्तारी।



 आप सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। जोश में होश न खोएं। किसी की भावना को न आहत करें न ही किसी पर कुछ गलत कमेंट न ही शेयर। करें l अगर ऐसा करेंगे तो आपके प्रत्येक पोस्ट पर पुलिस की पैनी नजर है। आपकी लापरवाही व जरा सी चूक न सिर्फ आपके लिए बल्कि एडमिन के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है।

पुलिस अधीक्षक चन्दौली डा.अनिल कुमार द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त के निर्देश के बाद पुलिस की सोशल मीडिया सेल की टीम को सक्रिय कर दिया है। सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, जाति विशेष व धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, भड़काऊ आडियो-वीडियो के आदान- प्रदान करने के अलावा राजनैतिक कमेंट के मैसेज व ब्लाग पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया पर किए जाने वाले हर पोस्ट की पड़ताल की जा रही है।

लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं व पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही समर्थकों की सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ गयी है। पार्टी व प्रत्याशी के प्रचार प्रसार सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया निगरानी सेल गठित्त करदी गई है। इस सेल का कार्य वाट्सएप ग्रुप फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूव, इंस्टाग्राम, वेबसाइट ब्लाग समेत अन्य पर निगरानी रखना है। सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने, विशेष जाति-धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने व शेयर करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। मैसेज को शेयर व पोस्ट करने वालों के साथ ही ग्रुप एडमिन भी इस कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिसूचना जारी करते हुए सोशल मीडिया के लिए गाइड लाइन भी जारी कर दी है। इसके लिए उन्होंने गूगल, फेसबुक, जैसे प्रमुख सोशल मीडिया के लिए अलग से नियमावली जारी की है। ट्विटर, इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, वाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया पर राजनीतिक पार्टियों से जुड़े कोई भी वीडियो व आडियो के अलावा अन्य मैसेज को पोस्ट करने और उसे शेयर करने वालों पर निगरानी रखने के लिए पुलिस अधिकारियों ने जिले में सोशल मीडिया निगरानी सेल का गठन किया है। 

यह सेल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में संचालित है। सेल में आइटी के विशेषज्ञ निरीक्षक सहित मुख्य आरक्षी व आरक्षियों की तैनाती की गई है। पुलिस की ओर से बनायी गई सोशल मीडिया निगरानी सेल अपना कार्य शुरू कर दिया है। इसी प्रकार से जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से भी एक सेल बनाया गया है। जो राजनैतिक पार्टी व उनके नेताओं की ओर से चुनाव से संबंधित खबर, प्रचार प्रसार से संबंधित विज्ञापनों पर नजर रखेगी।

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