किसानों में 70 किग्रा सूर्यमुखी का बीज वितरण

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35 एकड़ भूमि पर होगी बुवाई, अगले वर्ष इसे बड़े पैमाने पर कराया जायेगा

धानापुर, चंदौली, सटीक संवाद। क्षेत्र के बुद्धपुर, धानापुर, नौघरा सहित विभिन्न गांव के 40 किसानों में 70 किग्रा सूर्यमुखी का बीज शिवनंदन फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा निःशुल्क वितरण किया गया. सूर्यमुखी की खेती इस वर्ष 35 एकड़ भूमि पर की जायेगी. यह खेती अगले वर्ष बड़े पैमाने पर की जायेगी.

एफपीओ के निदेशक रमेश सिंह का कहना है कि कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा कुल 70 किलो सूर्यमुखी का बीज निःशुल्क प्राप्त हुआ था. जिसे कुल 40 किसानों में वितरण कराया गया है. लगभग 35 एकड़ भूमि पर इस वर्ष सूर्यमुखी की खेती हम अपने किसानों से करा रहें हैं. अगले वर्ष से यह खेती बड़े पैमाने पर करायी जाएगी.

 उन्होंने सूर्यमुखी के बारे में बताया कि यह मात्र 85 दिन की फसल है और इसे पशु भी नुकसान नहीं करते. इससे निकलने वाला तेल बहुत ही लाभकारी है. रिफाइन्ड के रूप में हम प्रतिदिन जहर खा रहे हैं. लेकिन अगर किसान जागरूक हो जाएगा तो गेहूं और धान के फसल के बीच में इसकी पैदावार कर हार्ट लीवर किडनी व आपके स्वास्थ्य के लिए अमृत पैदा करेगा.

 चना मटर सरसो का खेत खाली होने पर सूर्यमुखी की खेती जरुर करें. जब यह खेती ज्यादा क्षेत्रफल में होने लगेगी तो पक्षी भी कम नुकसान करेंगे. वैसे हमारा क्लाइमेंट इतना खराब हो गया है कि पक्षियों में तोता गौरैया कौवा व तमाम पक्षी बहुत कम हो गये हैं.

 श्री सिंह ने बताया कि जब से कृषि विज्ञान केन्द्र चन्दौली की स्थापना हुई है पहली बार विकास खण्ड धानापुर के किसानों को किसी योजना का लाभ मिला है. इससे पहले अगर किसी को कुछ लाभ मिला होगा तो सिर्फ कागजो तक सीमित रह गया होगा. लेकिन इस बार मैं दावा कर रहा हूं कि जो भी बीज हमारे किसान को मिला है पूर्ण रूप से निःशुल्क मिला है और मैं कभी भी फसल का फिल्ड विजिट करवा सकता हूं.

 कृषि विज्ञान केन्द्र में जब से नरेन्द्र रघुवंशी जी आयें हैं जनपद के समस्त एफ0 पी0 ओ0 के संचालक को एक आशा की किरण जगी है. श्री सिंह ने कहा कि दूसरी बात यह कहना है कि हमारे किसानों मे ढ़ैचा जोतने के लिए काफी जागरूकता आयी है. लेकिन किसान भाईयों ढैचा का बीज कहीं मिल या फैक्टरी में नहीं बनता है. उसे आप ही पैदा करेंगे तभी मिल पाएगा. इसलिए किसान भाईयों से निवेदन है कि ढैचा का बीज भी उत्पादन करें.

 इस दौरान श्रीकृष्ण सिंह, रमेश सिंह , राजवंश सिंह, विवेक सिंह, नगीना यादव, हरेंद्र प्रताप, रामगोपाल, सियाराम यादव, धनन्जय यादव, जगनरायण पाल सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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