छात्र आंदोलन की शानदार जीत पर बधाई : माले

कहा, किसान आंदोलन के बाद सड़क आंदोलन की यह दूसरी चमकदार जीत, मोदी-योगी सरकार की हार
लखनऊ, 14 नवंबर, गुरुवार। भाकपा (माले) ने प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग दफ्तर के सामने पुलिस उत्पीड़न का सामना करते हुए तीन दिनों से सड़क पर डटे हजारों प्रतियोगी छात्रों की मांगें माने जाने को आंदोलन की शानदार जीत बताते हुए उन्हें बधाई दी है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि दिल्ली सीमा पर किसानों के आंदोलन के बाद सड़क के आंदोलन की यह दूसरी चमकदार जीत और मोदी-योगी सरकार की हार है. उपचुनावों में हार के डर से भाजपा सरकार को कदम पीछे खिंचने पड़े. छात्रों का आंदोलन प्रयागराज के बाद लखनऊ, दिल्ली तक फैल चुका था। पड़ोसी बांग्लादेश में हाल के छात्र आंदोलन का नतीजा भी भाजपा के सामने था.
माले नेता ने गिरफ्तार छात्रों की अविलंब बिना शर्त रिहाई, मुकदमे की वापसी, छत्राओं से बदसलूकी और लाठीचार्ज के दोषी पुलिस अधिकारियों को दंडित करने की मांग की.
पीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा एक दिन एक शिफ्ट में कराने की मांग स्वीकार की गई है, नर्मलाइजेशन नहीं लागू किया जाएगा और आरओ-एआरओ परीक्षा के संदर्भ में निर्णय लेने के लिए कमेटी गठित करने की बात हुई है.
राज्य सचिव ने कहा कि परीक्षा तिथियों को लंबा न टाला जाए और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ न किया जाए. लिहाजा पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा की भांति ही आरओ-एआरओ परीक्षा को लेकर भी निर्णय अविलंब हो.