जानलेवा हमला मामले में एक लाख के इनामिया समेत दो की जमानत खारिज

वाराणसी। ज़िला जज संजीव पांडेय की अदालत ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पास मीरघाट में सपा नेता के घर हुए गोलीकांड हमला मामले में दो आरोपियों मिश्र पोखरा, थाना लक्सा निवासी अंकित यादव (पूर्व पार्षद) व श्याम बाजार कोतवाली निवासी गोपाल यादव उर्फ साहनी की जमानत अर्ज़ी सोमवार को सुनवाई के बाद ख़ारिज कर दी. अदालत में जमानत अर्ज़ी का विरोध प्रभारी ज़िला शासकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता संजीव वर्मा व उनके सहयोगी अधिवक्ता रोहित मिश्रा और सन्नी गुप्ता ने किया.
घटना में संलिप्त 6 और आरोपियों की जमानत अर्ज़ी पूर्व में इसी कोर्ट से ख़ारिज हो चुकी है. बताते चलें कि घटना में नामजद मुख्य आरोपी पूर्व पार्षद अंकित यादव घटना के बाद फरार हो गया. फरारी के दौरान उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए अर्जी डाली थी, लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव वर्मा के पुरजोर विरोध के बाद कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया. तब से वह फरार चल रहा था. जिसकी खोजबीन में कई टीमें लगायी गयी. वाराणसी पुलिस ने उसपर एक लाख का इनाम भी रखा था. इस दौरान यूपी एसटीएफ की वाराणसी युनिट को जानकारी मिली कि वह झारखंड में है तो उसको वहा जाकर पकड़ लिया गया.
अभियोजन पक्ष के अनुसार 30 मार्च 2024 को दिन में करीब 1.00 बजे वादी सपा नेता विजय उर्फ विज्जू यादव के घर पर गोविन्द यादव, साहिल यादव, अंकित यादव, शिवम शर्मा, शोभित शर्मा व उनके साथ 10 से 12 अन्य लोग असलहों से लैस होकर गुण्डा टैक्स न देने के कारण एकराय होकर हमला बोल दिए. गोविन्द यादव, अंकित यादव, व साहिल यादव ने अपने पास लिए अवैध असलहों से वादी और उसके परिवार को लक्ष्य करके जान से मारने के लिए ताबडतोड फायरिंग करने लगे और अन्य लोग अपने पास लिए डंडे व अन्य धारदार हथियारों से मारने लगे जिससे निर्भय यादव उम्र 6 वर्ष के जांघ में गोली लगी है. किरन यादव और दिनेश यादव के पैर में व रजनी यादव के सर में गोली लगी. उमेश यादव को भी चोटे आई . सभी का इलाज ट्रामा सेंटर बी०एच०यू० में किया गया।