डीडीयू मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान शुरू, रेलकर्मियों ने लिया 100 घंटे श्रमदान का संकल्प

फोटो कैप्शन: डीडीयू मंडल में ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के शुभारंभ पर रेलकर्मियों को स्वच्छता की शपथ दिलाते मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना।
अभियान के शुभारंभ अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में रेल अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के रूप में अपनाने तथा अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लिया। इसी क्रम में मंडल के अन्य रेलवे स्टेशनों और विभिन्न कार्यस्थलों पर भी रेलकर्मियों ने स्वच्छता की शपथ ली।
शपथ के दौरान रेलकर्मियों ने स्वच्छ एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने, स्वयं स्वच्छता के प्रति सजग रहने और स्वच्छता के लिए नियमित रूप से समय देने का संकल्प लिया। इसके साथ ही प्रत्येक वर्ष 100 घंटे यानी हर सप्ताह दो घंटे श्रमदान करने, न स्वयं गंदगी करने और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को गंदगी करने देने की भावना को व्यवहार में उतारने पर जोर दिया गया।
शपथ में स्वच्छता की शुरुआत अपने घर, परिवार, मोहल्ले, गांव और कार्यस्थल से करने का भी संकल्प लिया गया। रेलकर्मियों से स्वच्छ भारत मिशन के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी स्वच्छता के लिए समय देने और सफाई के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने कहा कि स्वच्छता को केवल शपथ लेने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इसे कार्यस्थल की कार्यसंस्कृति का नियमित हिस्सा बनाने की जरूरत है। उन्होंने रेल अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने-अपने कार्यक्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए सक्रिय रूप से काम करने तथा सहकर्मियों और अधीनस्थ कर्मचारियों को भी स्वच्छता के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग त्योहारों के अवसर पर अपने घरों की विशेष साफ-सफाई करते हैं, उसी भावना के साथ कार्यस्थल की सफाई पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। कार्यालय, स्टेशन, रेलवे परिसर और अन्य कार्यस्थलों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने अभियान को मिशन की भावना के साथ सफल बनाने तथा निर्धारित स्वच्छता लक्ष्यों को पूरा करने पर जोर दिया।
मंडल रेल प्रबंधक ने अभियान के दौरान स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों के कायाकल्प पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने ऐसी इकाइयों और सार्वजनिक स्थलों को साफ-सुथरा बनाकर उन्हें बेहतर स्वरूप देने तथा लोगों के सामने स्वच्छता का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए अधिकारियों को सक्रिय प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने पिछले वर्ष मंडल द्वारा स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए बेहतर प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए इस बार भी अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की अपेक्षा जताई।
‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान की इस वर्ष की थीम ‘स्वच्छता में सहभागिता; स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। अभियान के तहत पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में 1000 से अधिक स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्थानीय कार्ययोजना के तहत इन स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की पहचान और मैपिंग की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ और बेहतर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में व्यापक साफ-सफाई अभियान चलाया जाएगा। कचरा संवेदनशील स्थानों और चिन्हित स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों की सफाई के साथ रेलवे परिसरों तथा अधिक आवागमन वाले स्थानों पर भी विशेष स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जाएंगी। रेलवे विद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
स्वच्छता अभियान को केवल सफाई तक सीमित न रखते हुए इसमें जनभागीदारी और जागरूकता को भी जोड़ा गया है। इसके तहत सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों के साथ मैराथन, साइक्लोथॉन और वॉकाथॉन जैसी गतिविधियों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इन गतिविधियों के जरिए स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया जाएगा।
रेलवे परिसरों में सौर ऊर्जा उपकरणों की सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा। खाद्य प्रतिष्ठानों, आधार रसोई, भोजनालयों, खाद्य स्टॉल और पेंट्री कारों में साफ-सफाई तथा कीट नियंत्रण की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। यात्रियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे के विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई पर जोर रहेगा।
अभियान के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026, कचरे के पृथक्करण और कंपोस्टिंग के प्रति भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। घर-घर संपर्क और जागरूकता के माध्यम से लोगों को कचरे को निर्धारित तरीके से अलग करने और उसके उचित निस्तारण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
रेलवे भूमि पर स्थित जलस्रोतों के आसपास भी विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। पर्यटक और धरोहर रेल स्थलों की सफाई पर ध्यान देने के साथ ‘कबाड़ से जुगाड़’ और ‘कबाड़ से कला’ जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इनके माध्यम से अनुपयोगी सामग्री के पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण का संदेश दिया जाएगा तथा कचरे को उपयोगी स्वरूप देने के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा की जाएगी।
अभियान में सफाईमित्रों की भूमिका को भी विशेष महत्व दिया गया है। सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सम्मान से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि स्वच्छता अभियान में योगदान देने वाले सफाईमित्रों को सुरक्षित कार्य वातावरण के साथ सम्मानजनक व्यवहार और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाए।
सामूहिक श्रमदान को अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ के आह्वान के साथ अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य सहभागियों को सामूहिक रूप से स्वच्छता गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे स्वच्छता को केवल रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी न मानकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
अभियान का समापन 2 अक्टूबर को स्वच्छ भारत दिवस के अवसर पर होगा। इस अवधि में चलने वाली विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने, सार्वजनिक स्थलों को बेहतर बनाने और स्वच्छता को नियमित व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा।
रेलवे प्रशासन का संदेश है कि स्वच्छता किसी एक दिन या किसी विशेष अभियान तक सीमित रहने वाला विषय नहीं है। व्यक्तिगत स्तर पर स्वच्छता की आदत, कार्यस्थल की नियमित सफाई और सामूहिक सहभागिता के जरिए ही स्वच्छ वातावरण का निर्माण संभव है। इसी उद्देश्य के साथ डीडीयू मंडल में शुरू किया गया ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान 2 अक्टूबर तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आगे बढ़ेगा।