पंचायती राज मंत्री ने संविधान निर्माण में लगे समय और समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाबा साहब और संत रविदास के आदर्शों की भी चर्चा करते हुए बिहार में जाति जनगणना होने को उपलब्धि बताया।सीआरपीएफ जम्मू कश्मीर के कमांडेंट रामलखन ने कहा कि आज समाज और देश को अंधिश्वास से मुक्ति मिल जाए, तो बेहतर है। कहा कि यूरोप के देशों में क्लास है, कास्ट नही। देश में इस व्यवस्था को समाप्त किए जाने पर जोर दिया।
बिहार सरकार के उप मुख्य सचिव विजय बहादुर ने कहा कि जब देश में गणतंत्रता की बात होती है, तब राष्ट्र के संविधान का नाम आना स्वाभाविक है।
समिति के अर्जुन आर्या ने कहा कि समाज के गरीब असहायों को ‘रोटी कपड़ा और मकान’ तथा ‘स्वास्थ्य शिक्षा और सम्मान’ के उत्थान के लिए यह समिति गाँव-गाँव पहुँच कर लोगों को सचेत व जागरूक कर रही है। रेलवे के सेवानिवृत्त वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्रा ने कहा कि आज हमारी जिम्मेदारी है की बाबा साहब के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर शोषितों, पीड़ितों के बीच पहुँच कर उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए अनिवार्य रूप से पहल करनी होगी। कहा कि व्यक्ति परिस्थितियों का गुलाम होता है लेकिन परिस्थितियों में बने रहना भी गुलामी है।
समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट रामजनम बागी ने समाज को शिक्षित करने पर जोर दिया। समिति के प्रदेश महामंत्री लल्लन कुमार ने कहा, अज्ञानता सभी समस्याओं की जननी है।
सेवानिवृत्त सेल टैक्स कमिश्नर राम कुमार ने कहा कि बाबा साहब की समाज सेवा और कुर्बानी को सभी लोग जानते हैं। उनके विषय में कुछ कहना सूर्य को दीपक दिखाने के समान है। राम सुभाष ने संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए लोगों को इसकी शपथ दिलाई। इससे पूर्व समिति की ओर से कंबल वितरण भी किया गया।