भाकपा (माले) का मिल्कीपुर उपचुनाव में सपा प्रत्याशी को समर्थन

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लखनऊ, 23 जनवरी। भाकपा (माले) ने अयोध्या जिले की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में इंडिया गठबंधन के घटक दल सपा के प्रत्याशी को समर्थन देने की घोषणा की है। 

पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति व मुख्यमंत्री योगी के बुल्डोजर न्याय को शिकस्त देने और संविधान की रक्षा के लिए भाकपा (माले) के कार्यकर्ता मिल्कीपुर में सपा उम्मीदवार अजित प्रसाद को जिताने के लिए जुटेंगे। 
उन्होंने कहा कि बीते लोकसभा चुनाव में प्रदेशवासियों ने भाजपा को खारिज किया और इंडिया गठबंधन के पक्ष में मजबूत जनादेश दिया। इससे सबक लेने और अपनी नीतियों में जनपक्षधर बदलाव करने की जगह भाजपा आक्रामक सांप्रदायिकता का परिचय दे रही है। बहराइच और संभल में प्रशासन की देखरेख में मुस्लिम-विरोधी हिंसा हुई। सरकार मुस्लिम मुहल्लों में मंदिर खोजने, खोदने और इसके जरिये तनाव बढ़ाने में लगी है। एनकाउंटर राज बदस्तूर जारी है। गरीबों की बेदखली हो रही है। दलितों और महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ा है।
माले नेता ने कहा कि भगवा ब्रिगेड आजादी के आंदोलन और उससे उपजे देश के संविधान को नकारने में लगा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत का हाल का बयान गवाह है, जिसमें उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक को ही सच्ची आजादी की स्थापना बताया। भागवत ने यह बयान तब दिया जब पूरा देश संविधान और गणतंत्र की स्थापना की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है।
माले राज्य सचिव ने कहा कि इससे पहले मोदी सरकार में गृहमंत्री अमित शाह ने संविधान रचयिता बाबा साहब अंबेडकर का संसद में अपमान किया। संविधान की प्रस्तावना में शामिल समाजवाद व धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों से भाजपा को घृणा है। लोकसभा चुनाव में चार सौ पार का बहुमत मिला होता, तो वह संविधान बदलने में देरी नहीं लगाती। भाजपा के मंसूबे कामयाब नहीं हुए, तो वह और उसके संगी साथी रह रह कर तरह तरह से संविधान और डॉ. अंबेडकर की विरासत पर हमले करते हैं। वे मनुस्मृति को भारत का संविधान बनाना चाहते हैं। ऐसे में संविधान की रक्षा जरूरी है, जिससे भारत गणतंत्र बना है। यह देश का संविधान ही है, जिसने नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व का संकल्प दिया है।
माले नेता ने कहा कि मिल्कीपुर में भाजपा कुंदरकी के उपचुनाव की तरह बेईमानी और शासन-सत्ता का दुरुपयोग नहीं करेगी, तो इंडिया गठबंधन की जीत तय है।

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