मधुशाला नही पाठशाला चाहिए- अरविंद कुमार

प्राथमिक विद्यालयों को बंद किए जानें के विरोध मे एवं कौशांबी और प्रयागराज में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने हेतु आसपा ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
चंदौली, सटीक संवाद। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 27,965 विद्यालयों के एकीकरण (विलय) के निर्णय के विरोध में एवं कौशांबी और प्रयागराज में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराने के संबंध में प्रदेश आवाहन पर 03 जुलाई को आसपा (कांशीराम) एवं भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा और निम्नलिखित मांग किया.
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से प्रेस वार्ता में जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने कहा कि देश में मधुशाला नहीं पाठशाला चाहिए. मंदिर मस्जिद नहीं शिक्षालाय और चिकित्सालय चाहिए. जिससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हो और भारत विकसित हो सके. उत्तर प्रदेश सरकार ने 27965 विद्यालयों के एकीकरण (विलय)का जो निर्णय लिया है वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21(A) शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और अनुच्छेद 46 (कमजोर वर्गों की शिक्षा और आर्थिक हितों) की सुरक्षा के प्रावधानों का उलंघन करता है तथा गरीब एवं कमजोर वर्गों के बच्चो की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा.
समाज के कमजोर वर्गों के शिक्षा के अधिकारों की रक्षा और संविधान में निहित न्याय के सिद्धांतो का सम्मान करते हुए तत्काल इसे वापस लिया जाए तथा जनपद कौशांबी के थाना सैनी अंतर्गत लोहदा गांव में आठ साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जानें की घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा प्रयागराज के थाना करछना के इसौटा गांव में अनुसूचित के व्यक्ति को जिंदा जलाकर मार देने की घटना में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने व आरोपियों तथा स्थानीय लोगों के साथ पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज एवं मोटर साइकिलो को तोड़ना और जलाना एवं इस प्रकरण में सुनील कुमार गौतम उम्र 25 वर्ष की मृत्यु हो जानें पर उपरोक्त सभी घटनाओं की सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच कराने तथा इस प्रकरण में पकड़े गए निर्दोष व्यक्तियों को तत्काल रिहा किए जानें व शांति व्यवस्था हेतु उचित कदम उठाए जानें की मांग किया.
जिला महा सचिव सिद्धार्थ प्राण बाहु ने कहा कि भाजपा सरकार जहां एक ओर सरकारी स्कूलों को बंद कर शराब की दुकानें बढ़ा रही है. वहीं प्राईवेट स्कूलों की मनमानी और फीस की बाढ़ और किताबों की मंहगाई ने तो अभिभावको की कमर तोड़ कर रख दी है. आखिर सरकार करना क्या चाहती?
बाबा साहेब ने कहा था कि शिक्षा वह कुंजी है जो सारे दरवाजो के बंद ताले को खोल सकती है
पूर्व प्रवक्ता अर्जुन प्रसाद आर्य ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार अंग्रेजों से भी ज्यादा क्रूर है. इन्होंने अपने 11 साल के कार्यकाल में ही लोकतंत्र को गुलाम बना दिया. सरकारी संस्थानों का प्राइवेटीकरण करके देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया. देश की दशा और दिशा बद से बदतर होती जा रही है. पढ़े लिखे शिक्षित नौजवान बेरोजगारी का दंश झेल रहे है. यदि मंदिर और मेले की व्यवस्था जिस तरह हो रही है उसी तरह चिकित्सालय और शिक्षालय की व्यवस्था होती तो आज हमारा देश विश्व पटल पर आर्थिक रूप से बहुत मजबूत हो गया होता.बाबा साहेब ने कहा था कि शिक्षा वह कुंजी है जो सारे दरवाजे के बंद ताले को खोल सकती है. लेकिन आज यह सरकार शिक्षा से ही गरीबों को दूर कर रही है।