महापुरुषों की प्रतिमाएं उनसे प्रेरणा लेने और अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं- अरविंद कुमार

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डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा गोलंबर में लगाकर सुंदरीकरण करने, उनके नाम से जमीन वाचनालय और पुस्तकालय की मांग, एसडीएम ने दिया आश्वासन

 चंदौली, सटीक संवाद। भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी (कां) की जिला इकाई ने जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार के नेतृत्व में जनपद के सकलडीहा चौराहे पर लगी डॉ अंबेडकर की नई प्रतिमा को चौराहे बीच गोलंबर बनाकर स्थापित कर सुंदरीकरण करने, वाचनालय, पुस्तकालय और अन्य सुविधाओं के लिए जमीन आवंटन करने के लिए एसडीएम कुंदन राज कपूर को मंगलवार को मांग पत्र सौंपा. जिसको एसडीएम ने जल्द ही पूर्ति करने का आश्वासन दिया. 

फोटो: एसडीएम कुंदन राज कपूर को पत्रक सौंपते भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी कां के कार्यकर्ता 

 
दरअसल सकलडीहा कस्बा के मुख्य चौराहे पर वर्ष 1995 से डॉ अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित है. चंदौली सकलडीहा वाया चहनियां मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान प्रतिमा इसके जद में आ गई थी. जिससे प्रतिमा को वहां से हटाकर ठीक उसके पीछे नई और भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है. 

प्रतिमा को चौराहे बीच गोलंबर बनाकर स्थापित करने और चौराहे का नाम अंबेडकर चौक रखने के लिए भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी (कां) सहित व्यापारियों, संगठनों एवं अनुयायियों की बीते 03 वर्षों से मांग जारी है. जिसको लेकर जिला प्रशासन ने शासन को अवगत कराया है. आदेश आने का इंतजार है. उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा.

वहीं संविधान दिवस, स्वतंत्रता व गणतंत्र दिवस, अंबेडकर जयंती, माघ पूर्णिमा सहित अन्य महापुरुषों की जयंती व परिनिर्वाण दिवस पर सभा करने, पंचायत व एकता के साथ साथ जनसेवा सहित अन्य कार्यक्रमों को सकुशल संपन्न हो सके. 
इसके लिए आज भीम आर्मी एवं आजाद समाज पार्टी के कार्यकताओं ने  एसडीएम से पत्रक के माध्यम से बाबा साहब के नाम पर दो विश्वा जमीन आवंटन करने एवं उस जमीन पर वाचनालय व पुस्तकालय भवन, सभा करने हेतु स्टेज व कक्ष, शौचालय व स्नानागार का निर्माण, शुद्ध पेय जल हेतु एक हैंडपंप व R/O, बाबा साहब की प्रतिमा की सुरक्षा हेतु चौमुखी सीसीटीवी कैमरा का प्रबंध कार्यदाई संस्था से करवाने, व प्रतिमा के पास रात्रि में सदैव सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था करने, चौराहे पर अंबेडकर चौक नाम का बोर्ड जल्द लगवाने का मांग किया. चेताया कि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया जाता है तो वे एक बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे. 
इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि महापुरुषों की प्रतिमाएं उनसे प्रेरणा लेने और समाज में अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित करती हैं. किसी महापुरुष के गौरव की स्मृतियों को संजोये रखने के लिए जन्म दिवस और पुण्य तिथि पर समारोह आयोजित करना जरूरी है. पूरी दुनिया में महापुरुषों की प्रतिमाएं लगाई जाती हैं. भारत में भी बड़ी संख्या में महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित हैं. प्रतिमा स्थापित करने के पीछे मंशा यही होती है कि लोग संबंधित महापुरुष के आदर्शो से प्रेरणा लें और उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज और देश के विकास में योगदान दें.
वास्तव में महापुरुषों के जीवन के विविध पक्ष नई पीढ़ी के लिए हमेशा से प्रेरणादायक रहे हैं. इसीलिए पहले बुजुर्ग बच्चों को महापुरुषों के संस्मरण सुनाया करते थे. एकल परिवारों के युग में इसकी गुंजाइश ही नहीं बची. महापुरुषों की जीवनियां सिर्फ पाठ्यक्रमों में ही बच्चों को पढ़ने को मिल पाती हैं, परिवारों में घट रही है. समाज में आज जिस तरह से नैतिकता का पतन हो रहा है, जीवन मूल्यों का अवमूल्यन हो रहा है, नई पीढ़ी में दिशाहीनता और भटकाव की स्थितियां दिखाई दे रही हैं, सांस्कृतिक मान्यताओं और परंपराओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है, उसे ध्यान में रखते हुए महापुरुषों के विचारों एवं आदर्शो का प्रचार प्रसार करना होगा, तभी समाज सही दिशा में आगे बढ़ पाएगा. इस अवसर पर जिला महासचिव सिद्धार्थ प्राण बाहु, शेरू निगम, शनि कुमार थे।

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