सीएम आवास के बाहर महिला ने खुद को लगाई आग

मुख्यमंत्री के जनता दरबार में न्याय नहीं मिलने के बाद उठाई यह कदम
संवेदनहीनता ने महिला को आत्मदाह के लिए किया मजबूर
लखनऊ, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री आवास के बाहर उन्नाव की महिला द्वारा मंगलवार को खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली गई। महिला की हालत बेहद गम्भीर होने पर KGMU अस्पताल में भर्ती कराई गई है जहां इलाज चल रहा है। भाकपा माले ने सरकारी खर्चे से महिला के समुचित इलाज और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्नाव जिले के पुरवा थानाक्षेत्र के छत्ता खेड़ा गांव की रहने वाली एक महिला ने ससुरालियों से प्रताड़ित होने पर न्याय की उम्मीद लेकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में मंगलवार को आई थी। जब उसको यहां भी नाउम्मीदी दिखाईं दी तो आवास के बाहर निकली और अपने दो वर्षीय बालक को सड़क किनारे रखकर अपने बैग से पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर डालकर आग लगा ली।
बगल में बैठी पुलिस जब तक कुछ समझ पाती तब तक महिला बुरी तरह जलने लगी। आग की लपट इतनी तेज थी कि पुलिस हिम्मत नहीं जुटा पाई।बमुश्किल पानी डालकर आग बुझाई। तब तक महिला काफी जल चुकी थी। आग बुझते ही महिला खुद को बचाने की गुहार लगाने लगी। वह बार-बार अपने बच्चे की तरफ देख रही थी।
पुलिस अपनी गाड़ी से महिला को सिविल अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे KGMU रेफर कर दिया। महिला की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। जिसपर माले राज्य सचिव सुधाकर यादव ने आज जारी बयान में कहा कि योगी सरकार में लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उक्त घटना में काफी जल चुकी महिला सीएम आवास के बाहर एक घंटे तक तड़पती रही, मगर उसे एम्बुलेंस तक नहीं मिली। राजधानी में स्वास्थ्य व्यवस्था का यह हाल है। महिला के द्वारा आत्मदाह की कोशिश ने शासन व्यवस्था की पोल खोल दी है। सरकारी संवेदनहीनता ने महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया, जो अफसोसनाक है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान महिला न्याय की आस में मुख्यमंत्री की डिहरी तक आई। वह दो दिन पहले भी जनता दरबार में दहेज उत्पीड़न की अपनी समस्या लेकर आ चुकी थी। मगर यहां भी उसे नाउम्मीदी ही मिली। शासन-प्रशासन से निराश होकर जान देने की कोशिश में अपने दो साल के गोद के बच्चे तक की परवाह नहीं की। बच्चे को सड़क किनारे रखी और खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। पुलिस की गाड़ी से उसे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत नाजुक बताई गई है। राज्य सचिव ने सरकारी खर्चे से महिला के समुचित इलाज और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।