डीएम के आदेशों को भी ठेंगा दिखा रहे जिम्मेदार अधिकारी- दीनानाथ श्रीवास्तव

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कवरुआ में अनिश्चितकालीन धरना जारी, सूखी नहरें, लो-वोल्टेज और बिजली ट्रिपिंग पर सरकार-प्रशासन के खिलाफ फूटा किसानों का गुस्सा

चंदौली। बरहनी ब्लॉक के कवरुआ गांव में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन के बैनर तले चल रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। धरने में किसानों ने बिजली, सिंचाई और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर सरकार और संबंधित विभागों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई।किसानों ने आरोप लगाया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे और किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।



धरने का नेतृत्व कर रहे किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी सूखी नहरों का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। कई बार फोन पर शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी कार्यालयों में एसी की ठंडी हवा का आनंद ले रहे हैं, जबकि किसान भीषण गर्मी में अपनी फसल बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिजली और सिंचाई व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।



किसान नेता पारसनाथ विश्वकर्मा ने कहा कि चार-चार बंधिया और कई माइनरों के बावजूद धान की रोपाई पानी के अभाव में अधर में लटकी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कागजों पर योजनाओं की सफलता का दावा कर रही है, जबकि धरातल पर नहरें सूखी हैं और किसान आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं।



यादवेंद्र प्रकाश ने ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली ट्रिपिंग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिल सकती है तो किसानों को गुणवत्तापूर्ण बिजली क्यों नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि बिजली की बदहाल व्यवस्था के कारण नलकूप नहीं चल पा रहे हैं और धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।



धरने में शेषनाथ यादव ने सरकार पर जनसमस्याओं से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों, बेरोजगारी, महंगाई, बिजली और सिंचाई जैसे मूल मुद्दों के समाधान के बजाय सरकार नई-नई घोषणाओं और विवादों में जनता को उलझा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है।



वहीं किसान नेता मुन्ना सिंह ने कहा कि देश का अन्नदाता आज बिजली, पानी और सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आंदोलन करने को मजबूर है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग करते हुए कहा कि यदि किसानों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।


किसानों का साफ कहना है कि जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता, बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं होता और प्रशासन मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान नहीं करता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर कब तक ठोस कार्रवाई करता है।

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