किसानों को खेत से पराली हटाने के लिए सरकार अनुदान दे :मजदूर किसान मंच

102 बर्ष के किसान बलबंत सिंह पर मुकदमा करना अमानवीय -अजय राय
चंदौली, चकिया 14 दिसम्बर 2022। क्षेत्र के खखड़ा गांव निवासी 102 वर्षीय किसान को पराली जलाने पर लादे गए मुकदमें पर मजदूर किसान मंच के राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने निंदा किया हैं और मुकदमा वापस लेने की मांग किया है. उन्होंने प्रेस को जारी अपने बयान में कहा कि सरकार किसानों को बदनाम कर उनका उत्पीड़न करने में लगी है. महज पराली जलाने से ही प्रदूषण नही फैल रहा है. औद्योगिक ईकाइयों द्वारा भी बड़े पैमाने पर प्रदूषण फैलाया जा रहा है लेकिन सरकार का साहस नहीं है कि वह उनके विरूद्ध कार्यवाही करें.
किसान तो मजबूरी में पराली जलाता है क्योंकि उसे अगली फसल के लिए खेत को साफ करना पड़ता है. यदि सरकार खेत की सफाई के लिए किसानों को अनुदान दे तो किसान को पराली जलाने की आवश्यकता ही नहीं रहेगी. मजदूर किसान मंच ने सरकार व प्रशासन से किसानों पर मुकदमें लादने की धमकी देने की कार्यवाही वापस ले. क्योंकि किसानों के बीच दहशत व्यापत है और खेत सफाई के लिए किसानों को अनुदान देने की मांग की है.
आज मजदूर किसान मंच के प्रभारी अजय राय ने कहा कि जानकारी मिली हैं कि करइल में पराली जलाने पर खखड़ा निवासी बलवंतसिंह पूर्व अध्यापक जिनकी उम्र 102 बरस हैं. उनकी खतौनी के नाम पर मुक़दमा किया गया है. आईपीएफ ने जिलाधिकारी चंदौली से मुकदमा वापस लेने की मांग करेगा. वहीं पुरे जनपद में कई किसानों के उपर पराली जलाने पर मुकदमा किया जा रहा हैं.
सरकार का यह काम किसान विरोधी है. किसानों से मिलने के बाद कहा कि मोदी सरकार किसानों के संकट को हल करने की जगह जुंबा खर्च केवल कर रही है. हर जगह के किसान खाद संकट से जूझ रहें हैं और खाद की वजन हटाने में लगी हैं पहले पचास किलो से पैंतालीस किलो किया. अब चर्चा हैं कि चालीस किलो कर रहीं हैं वही सरकार किसानों से वादे के अनुसार एमएससी भी नहीं दें रहीं हैं !