उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर से दवाओं की खरीद-बिक्री कीमतें होंगी सार्वजनिक

1 नवंबर से उत्तर प्रदेश में दवाओं की खरीद-बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की नई व्यवस्था लागू होगी। रिटेल फार्मेसियों को ऑनलाइन जानकारी और साप्ताहिक स्टॉक अपडेट देना होगा, जबकि अस्पताल फार्मेसियों में दवाओं की खरीद और बिक्री कीमत स्पष्ट करनी होगी।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 1 नवंबर 2026 से अस्पताल फार्मेसियों और रिटेल दवा दुकानों पर दवाओं की खरीद-बिक्री कीमतों को सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (UPFSDA) ने मरीजों के हित में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत रिटेल फार्मेसियों को सार्वजनिक वेबसाइट बनाकर लाइसेंस, फार्मासिस्ट और स्टॉक की जानकारी देनी होगी, जबकि अस्पताल फार्मेसियों को दवाओं की खरीद कीमत (PTR) और बिक्री कीमत (PTC/MRP) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।


नई व्यवस्था के तहत प्रदेश की सभी रिटेल फार्मेसियों को सार्वजनिक वेबसाइट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस वेबसाइट पर संबंधित फार्मेसी का लाइसेंस नंबर, फार्मासिस्ट का विवरण और दुकान का पूरा पता ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। इससे मरीज और उनके परिजन दवा विक्रेता से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से देख सकेंगे।

हर सप्ताह देना होगा स्टॉक का विवरण
फार्मेसियों को अपनी वेबसाइट पर दवाओं के स्टॉक की जानकारी भी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी। इसके लिए साप्ताहिक आधार पर स्टॉक विवरण सार्वजनिक करने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य दवाओं की उपलब्धता और बिक्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है।

खरीद और बिक्री मूल्य में अंतर होगा स्पष्ट

अस्पतालों से जुड़ी फार्मेसियों में दवाओं की कीमतों को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है। वहां यह स्पष्ट करना होगा कि संबंधित दवा किस कीमत पर खरीदी गई (PTR) और मरीज को किस कीमत पर उपलब्ध कराई जा रही है (PTC/MRP)। इससे मरीजों को दवा की खरीद और बिक्री कीमत के बीच का अंतर समझने में मदद मिलेगी।

UPFSDA की ओर से यह कदम दवाओं की कीमतों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने और मरीजों को अधिक जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभागीय स्तर पर अस्पतालों और फार्मेसियों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया जा रहा है, ताकि नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद मरीजों को दवाओं की कीमत और उपलब्धता से संबंधित जानकारी के लिए केवल फार्मेसी काउंटर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ऑनलाइन विवरण के जरिए वे संबंधित फार्मेसी की जानकारी देख सकेंगे।

फार्मेसियों के लिए वेबसाइट, लाइसेंस और फार्मासिस्ट की जानकारी तथा साप्ताहिक स्टॉक अपडेट जैसे प्रावधानों से दवा बिक्री व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। वहीं अस्पताल फार्मेसियों में खरीद और बिक्री मूल्य प्रदर्शित होने से मरीजों को दवाओं की कीमतों को समझने में अधिक सुविधा होगी।