फर्जी आरोपों के खिलाफ पत्रकार लामबंद, सकलडीहा में आंदोलन की चेतावनी

बैठक को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार अजय सिंह राजपूत ने कहा कि वाराणसी और चंदौली में पत्रकारों को निशाना बनाकर परेशान किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकार जनसमस्याओं और विभिन्न मामलों को समाचारों के माध्यम से सामने रखते हैं। ऐसे में पत्रकारों से जुड़े किसी भी विवाद या शिकायत की निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में वाराणसी के लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पत्रकार के साथ कथित बदसलूकी का मामला भी उठाया गया। पत्रकारों ने बताया कि घटना के विरोध में पत्रकारों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित किया गया था। इस प्रकरण का उल्लेख करते हुए पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी स्तर पर होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर संगठनात्मक रूप से आवाज उठाई जाएगी।
धानापुर के पत्रकार नवनीत सिंह से जुड़े मामले पर भी पत्रकारों ने चर्चा की। बैठक में कहा गया कि नवनीत सिंह के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने और जबरन जमीन कब्जाने जैसे आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया। पत्रकारों का कहना था कि नवनीत सिंह का दावा है कि उन्होंने शिकायतकर्ता को देखा तक नहीं है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो सके।
इसी क्रम में सकलडीहा तहसील क्षेत्र में कुछ माह पहले सामने आए कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामले का भी मुद्दा उठाया गया। पत्रकारों के अनुसार, इस मामले को समाचार के माध्यम से प्रमुखता से सामने लाया गया था। इसके बाद अधिकारियों की कार्रवाई में मामले से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी।
पत्रकारों ने बताया कि इसी प्रकरण को लेकर पत्रकार मुकेश कुमार मौर्य के खिलाफ कथित तौर पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया था। पत्रकारों के अनुसार, पुलिस जांच में यह आरोप असत्य पाया गया। इसके बावजूद आरोप लगाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर बैठक में नाराजगी जताई गई। पत्रकारों ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर गलत आरोप लगाकर पत्रकार की छवि प्रभावित करने या उसे कानूनी प्रक्रिया में उलझाने का प्रयास किया जाता है तो मामले की निष्पक्ष जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
बैठक में पत्रकारों ने एक स्वर में कथित फर्जी आरोप लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि यदि पत्रकारों से जुड़े मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो पत्रकार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक के बाद पत्रकारों का प्रतिनिधिमंडल क्षेत्राधिकारी सकलडीहा कृष्ण मुरारी शर्मा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों से जुड़े विभिन्न मामलों और उनकी समस्याओं से सीओ को अवगत कराया। पत्रकारों ने मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और अनावश्यक उत्पीड़न रोकने की मांग की।
क्षेत्राधिकारी कृष्ण मुरारी शर्मा ने पत्रकारों को आश्वस्त किया कि पत्रकारों से संबंधित मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत या मामले में तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी और पत्रकारों के शोषण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में ज्ञानेंद्र सिंह, विवेक चौरसिया, राजेश गुप्ता, मुकेश दुबे, हरवंश बिंद, चंद्रभान कुशवाहा, सुग्रीव कुमार, पिंटू यादव, संजय कुमार दिनकर, रामबहादुर, राहुल पांडेय सहित अन्य पत्रकार उपस्थित रहे।