सरकार की सम्पत्ति बेचने के मामले में आरोपी को मिलीं जमानत

वाराणसी। विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह की अदालत ने राज्य सरकार की संपत्ति चावल बेचने के मामले में आरोपी को जमानत दे दी. खोजवां छित्तूपुर निवासी आरोपी विशाल अग्रहरि को एक-एक लाख रुपये की दो जमानते एवं बन्धपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक कुमार दूबे ने पक्ष रखा.
अभियोजन पक्ष के अनुसार पूर्ति निरीक्षक वादी सिम्मी जायसवाल द्वारा 8 अक्टूबर 2024 को थाना भेलूपुर में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. आरोप था कि 7 अक्टूबर 2024 को मुखबिर खास से सूचना प्राप्त हुई कि गांधी चौक, खोजवा मण्डी, वाराणसी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का चावल बेचते हुए पकड़ा गया.
प्राप्त सूचना व जिला पूर्ति अधिकारी के निर्देश के क्रम में सिम्मी जायसवाल, पूर्ति निरीक्षक भेलूपुर प्रखण्ड, शिव नारायण क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी भेलूपुर प्रखण्ड तथा मिथलेश पाण्डेय, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी वाराणसी द्वारा मौके पर पहुंचे. मौके पर बोरियों में भरा चावल जमीन पर रखा पाया गया तथा वहां पर कोई वाहन नहीं पाया गया. पूछताछ में ज्ञात हुआ कि वाहन में खराबी होने के कारण चालक चावल उतारकर, चला गया है.
बरामद चावल के संबंध में पूछताछ करने पर मौके पर उपस्थित खोजवा बाजार निवासी विशाल अग्रहरि द्वारा अपने लिखित बयान में बताया गया कि खोजवा मण्डी में उनके द्वारा किसानों से फुटकर चावल बेचा जाता है. 7 अक्टूबर 2024 को उनके द्वारा मेसर्स बजरंग ट्रेडिंग कम्पनी को चावल बेचा गया है.
इसी क्रम में मौके पर उपस्थित रवि कुमार पुत्र दिनेश कुमार केशरी, निवासी कचनार राजातालाब द्वारा अपने लिखित बयान में बताया गया कि उन्होने विशाल अग्रहरि से उक्त मात्रा में चावल खरीदा है. जांच टीम द्वारा बरामद चावल को कब्जे में लेते हुए उसका निरीक्षण किया. निरीक्षण में पाया गया बोरियों में बरामद चावल प्रथम दृष्टया सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत कार्ड धारकों के मध्य वितरित किया जाने वाला फोर्टीफाइड चावल है.
मौके पर बरामद सभी बोरियों की तौल कराने पर कुल 42 प्लास्टिक की बोरियों में 2061.800 के चावल पाया गया जो हाथ से सिली व बंधी थी. जिसके संबंध में विक्रेता एवं क्रेता से अभिलेख/कागजात मांगे जाने पर उनके द्वारा कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया गया, बल्कि विशाल द्वारा 01 पर्ची प्रस्तुत की गयी, जिसमें संवे कुमार को बाहन संख्या यूपी० 65 एचटी 2637 38 बोरियों में 20 कुं चावल बिक्री दर्शाया गया है,
जबकि जांच करने पर इससे मिन्न 42 बोरियों में 2081.800 कुं चावल पाया गया जिसकी जाच हेतु वीरेन्द्र श्रीवास्तव, क्षेत्रीय निरीक्षक, कृषि उत्पादन मण्डी समिति, वाराणसी (मण्डी सहायक प्रभारी) को मौके पर बुलाया गया. उन्होंने निरीक्षण व पूछताछ के उपरान्त बताया कि उक्त चावल के विक्रेता मेसर्स विशाल ट्रेडर्स (विशाल अग्रहरि) के नाम मण्डी समिति वाराणसी में थोक व्यापार करने का लाईसेंस जारी नहीं है तथा मण्डी समिति से उनके द्वारा चावल कय व विक्रय करने का अभिलेख जारी नहीं है. इस प्रकार विक्रय अवैध है.
इस प्रकार विशाल अग्रहरि के पास चावल क्रय व विक्रय करने का कोई वैध लाईसेंस या अभिलेख नहीं है. उनके पास चावल खरीद सम्बन्धी कोई रजिस्टर/वांछित अभिलेख उपलब्ध नहीं पाया गया। इस प्रकार प्रथम दृष्टया पाया गया कि बरामद चावल फोर्टीफाईड चावल ही है जो कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली का समरूपित करता है
उक्त से स्पष्ट है कि बरामद चावल के संबंध में कोई वैध अभिलेख / रसीद प्रस्तुत नहीं किया गया बल्कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आपूर्तित फोर्टीफाइड चावल पाया गया, जिसे नफा नजायज कमाने के उद्देश्य से इनके द्वारा अवैध रूप से क्रय-विक्रय किया जा रहा है.
इस प्रकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अन्तर्गत वित्तरित किए जाने वाले आपूर्तित फोर्टीफाईड चावल को बेचने वाले अज्ञात व्यक्तियों एवं फोर्टीफाईड चावल के क्रय विक्रय में संलिप्त विशाल अग्रहरि तथा रवि कुमार का उक्त कृत्य उप्र अनुसूचित वस्तु (विक्रय एवं वितरण का विनियमन) आदेश-2016 का स्पष्ट उल्लघंन है जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध है.
इस प्रकार विशाल अग्रहरि रवि कुमार व एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 व अन्य सुसंगत धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर अग्रेतर आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया गया.