Headlines

बस्तर के माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 54 गांवों में पहली बार हुआ झंडारोहण

दिल्ली के कर्तव्य पथ से लेकर देश के सुदूर गांवों, स्कूलों और घरों में बेहद शान से फहराया गया राष्ट्रध्वज,देश भक्ति गीतों से गूंजता रहा पूरा धरती और गगन 

नई दिल्ली। 26 जनवरी 2026 को पूरे भारत में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा झंडा बेहद शान और सम्मान के साथ फहराया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली के कर्तव्य पथ पर झंडारोहण कर तिरंगे को सलामी दी।कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान भारतीय सैन्य और सांस्कृतिक ताकत और की देश विरासत की झलक देखने को मिली। साथ ही साथ देश के सुदूर गांवों, स्कूलों और घरों में राष्ट्रध्वज फहराकर तिरंगे को नमन किया गया। 



इस वर्ष बस्तर (छत्तीसगढ़) के माओवादी-प्रभाव से मुक्त हुए 54 गांवों के संवेदनशील इलाकों में भी पहली बार झंडारोहण किया गया। बीएसएफ, एसएसबी, और एनसीसी की परेड के साथ ही झांकियां निकाली गईं। जो राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ाव और देश की एकता और सर्वोच्च सम्मान का प्रतीक है।  

ध्वजारोहण के समय राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया गया। साथ ही ‘वंदे मातरम’ (राष्ट्रीय गीत) और ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा’, “विजयी विश्व तिरंगा प्यारा”, “ए मेरे वतन के लोगों जरा आंखों में भरलो पानी”, “जहां डाल डाल पर सोने की चिड़ियां करती हैं बसेरा ओ भारत देश है मेरा” देशभक्ति गीतों से धरती और गगन गूंजता रहा।

22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार किया गया था। तिरंगा भारत की एकता, स्वतंत्रता, बलिदान और सम्मान का प्रतीक है।सबसे ऊंचा ध्वज कर्नाटक के बेलगाम में 110 मीटर (360.8 फीट) फहराया गया है। देशभर में तिरंगा फहराने का यह पर्व देश की आन-बान-शान को मजबूती से प्रस्तुत करता है।

आज का दिन भारत के स्वतंत्रता संघर्ष और संवैधानिक मूल्यों को याद करने का दिन है, जो पूरे देश को देशभक्ति के रंग में सराबोर करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *