चंदौली में गैंगस्टर और एनडीपीएस मामलों में छह दोषियों को सजा और दण्ड

सटीक संवाद/ रतन लाल
चंदौली। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत चंदौली पुलिस की प्रभावी पैरवी का असर न्यायालय के फैसलों में दिखाई दिया। बुधवार को गैंगस्टर एक्ट से जुड़े वर्ष 2009 के मामलों में न्यायालय ने पांच अभियुक्तों को दोषसिद्ध करते हुए कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई। इनमें एक अभियुक्त को छह वर्ष तथा चार अभियुक्तों को तीन-तीन वर्ष के कारावास से दंडित किया गया। इसी क्रम में अलीनगर थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के पुराने मामले में भी एक अभियुक्त को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई गई।
थाना बलुआ में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 45/2009, धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के मामले में केशरी सिंह पुत्र राम किशुन सिंह निवासी महुअर कला, थाना बलुआ को न्यायालय एडीजे/एफटीसी द्वितीय, चंदौली के न्यायाधीश पारितोष श्रेष्ठ ने दोषसिद्ध करते हुए छह वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को 10 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसी थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 45/2009 के तहत संतोष सिंह पुत्र लक्ष्मी सिंह निवासी महुअर कला को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं जमा करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं थाना बलुआ पर दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 46/2009, धारा 3(1) गैंगस्टर एक्ट में अजीत सिंह पुत्र गोपाल सिंह निवासी महुअर कला को भी तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा न करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मुकदमा अपराध संख्या 47/2009 में सुनील सिंह पुत्र जनार्दन सिंह निवासी महुअर कला तथा मुकदमा अपराध संख्या 48/2009 में धर्मराज सिंह पुत्र रामलखन निवासी महुअर कला को भी न्यायालय ने दोषसिद्ध करते हुए तीन-तीन वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। दोनों के लिए भी अर्थदंड जमा नहीं करने पर सात दिन के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है।
एनडीपीएस मामले में भी दोषसिद्धि
ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत थाना अलीनगर में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में भी न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। पुलिस के अनुसार थाना अलीनगर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 221/2015, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में मनोज बिंद पुत्र स्व. रामकिशुन निवासी रोहड़ा, थाना अलीनगर को न्यायालय एएसजे/एफटीसी प्रथम ने दोषसिद्ध करते हुए 20 दिन के साधारण कारावास और 13 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड अदा नहीं करने पर अभियुक्त को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
प्रभावी पैरवी से मिली सजा
पुलिस के मुताबिक अभियुक्तों को सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल की निगरानी, अभियोजन अधिकारी अवधेश कुमार पाण्डेय (एडीजीसी) की प्रभावी पैरवी तथा संबंधित थानों के पैरोकारों की भूमिका महत्वपूर्ण रही। बलुआ थाने के मामलों में कांस्टेबल वृजेश कुमार सरोज ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन का उद्देश्य आपराधिक मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के बेहतर संकलन और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाना है। बुधवार को गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामलों में हुई दोषसिद्धि को इसी अभियान के तहत पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।