बच्चें भविष्य की पीढ़ी हैं, जो ज्ञान कौशल और नवाचार से राष्ट्र का निर्माण करते हैं- अवधेश सिंह

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समर्पण भाव से शिक्षा देनी चाहिए- प्राचार्य 


चंदौली, जिले के सकलडीहा विकास खण्ड के पूर्व माध्यामिक विद्यालय नई बाजार में शारदा संगोष्ठी, वार्षिकोत्सव सृजन-2 और सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान, बाउंड्रीवाल लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सकलडीहा ब्लॉक प्रमुख अवधेश सिंह द्वारा बाउंड्रीवल का उद्घाटन कर किया गया.

श्री सिंह ने कहा कि बच्चे ही देश का भविष्य और भाग्य विधाता होते हैं. वे देश के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे भविष्य की पीढ़ी हैं और उनके पास देश को आगे बढ़ाने की क्षमता होती है. बच्चे ज्ञान, कौशल और नवाचार के माध्यम से देश के विकास में योगदान करते हैं.

डायट प्राचार्य श्री विकायल भारती ने कहा कि बच्चों को समर्पण भाव से शिक्षा देनी चाहिए. क्योंकि नौकरी से रिटायर होने के बाद जीवन का एक नया अध्याय शुरू हो जाता है, और परिवार में रहने के बाद भी समय को बिताना बहुत ही दुर्लभ हो जाता है. इसलिए परिवार और दोस्तों में भी समर्पण भाव रखने से ही समय कटेगी. अपने शौक स्वास्थ्य और नई रुचियों को भी समर्पण भाव से ही अपनाया जा सकता है.
कार्यक्रम के बीच बीच में स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सबका मन मोहे रखा. अंत में आए हुए अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से माल्यार्पण कर स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्रम भेंट कर सम्मानित किया गया.

इस दौरान ईओ सकलडीहा अवधेश सिंह, सकलडीहा कोतवाल हरिनारायण पटेल, राहुल सिंह, निखलेंद्र विक्रम सिंह, पुष्पेंद्र विक्रम सिंह, सोनाटा फाइनेंस विवेक सिंह, अर्जुन प्रसाद आर्य, लल्लन कुमार, गिरीजेश कुमार, निठोहर सत्यार्थी, फफा साहब भारती, ज्ञानचंद कांत, भाईराम प्रधान, सहित सैकड़ो लोगों ने कार्यक्रम में संबल प्रदान किया. संचालन अरूण रत्नाकर ने किया 

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