भाकपा (माले) ने दलितों पर बढ़ते हिंसक हमलों के लिए योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया

लखनऊ, 02 मार्च। भाकपा (माले) ने दलितों पर बढ़ते हिंसक हमलों के लिए योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी ने कहा है कि सरकार द्वारा दी गई छूट व संरक्षण से दबंगों के हौसले बुलंद हैं और वे दलितों पर न सिर्फ हमले कर रहे हैं, बल्कि उनकी हत्या तक रहे हैं।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने रविवार को जारी बयान में कहा कि योगी सरकार में दलितों का बुरा हाल है। मथुरा, मेरठ और कासगंज की हाल की घटनाएं गवाह हैं। मथुरा में रिफाइनरी थाना क्षेत्र के करनावल गांव में दो दलित बहनों की शादी के मौके पर गुंडों ने हमला कर उनके चेहरों पर कीचड़ लगा दिया, रिश्ते में बंधने जा रहे दोनों पक्षों के साथ मारपीट की और पिता का सर फोड़ दिया।
मेरठ में सरधना क्षेत्र के कालंदी गांव में दलित दूल्हे की बारात पर दबंगों ने धारदार हथियारों से हमला बोला, मारपीट की, जिसमें दूल्हा व उसके भाई घायल हो गए। हमलावर भाजपा का स्टीकर लगी स्कॉर्पियो गाड़ी से आये थे।
कासगंज में नगला हंसी जाटवान गांव के एक दलित परिवार के घर में घुस कर दबंगों ने नाबालिग बड़ी बेटी (14) का अपहरण कर लिया और विरोध करने पर छोटी बेटी (12) की हत्या कर दी। दबंग कुछ दिन पहले भी बड़ी बेटी को उठा ले गए थे और गांव के लोगों द्वारा बीच बचाव करने पर वापस किया था। इस दौरान प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठे रहा, जिससे अपराधियों का मन बढ़ा और उन्होंने दोबारा वारदात की।
राज्य सचिव ने कहा कि उपरोक्त घटनाएं प्रदेश में योगी सरकार की विफलता को दर्शाती हैं। सरकार कमजोर वर्गों की सुरक्षा करने में फेल है। इसे ही वह रामराज्य बताती है। कानून व्यवस्था पर खुद की पीठ थपथपाती है। भाजपा को दलित सम्मान तभी याद आता है, जब उनके वोट लेने होते हैं। तब उनके घरों में जाकर भोजन करते हुए तस्वीरें खिंचवाई जाती हैं। बाकी समय दलितों का सामंती उत्पीड़न किया जाता है। उनके साथ मनुस्मृति वाला व्यवहार होता है, जिसका भाजपा सरकार पक्षपोषण करती है।
भाकपा (माले) नेता ने उपरोक्त घटनाओं में त्वरित न्याय की मांग की। कहा कि अपहृत दलित बेटी की अविलंब बरामदगी की जाए, हमलावरों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और क्षतिपूर्ति की भरपाई हो। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। दलितों पर हमले की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।