बिहार के राघोपुर में गंगा में नाव पलटी, 13 बच्चों की मौत; PM मोदी ने 2 लाख और CM सम्राट चौधरी ने 4 लाख मुआवजे का किया ऐलान
बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत की पुष्टि अधिकारियों ने की है। सात लोगों को बचाकर पटना के NMCH में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रत्येक मृतक के परिवार को चार लाख रुपये देने का ऐलान किया है। तेजस्वी यादव और चंद्रशेखर आजाद समेत कई नेताओं ने घटना पर दुख जताया है।

राघोपुर,वैशाली। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा क्षेत्र में मंगलवार शाम गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत हो गई। हादसे में सात लोगों को बचाया गया है, जिन्हें पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (NMCH) में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक, मृत सभी बच्चे 15 वर्ष या उससे कम उम्र के थे। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर है और प्रभावित परिवारों में मातम पसरा है।
भोज में शामिल होने जा रहे थे नाव सवार
अधिकारियों के अनुसार, हादसा मंगलवार शाम करीब 8:30 बजे राघोपुर थाना क्षेत्र में रामपुर श्यामचंद गांव के पास हुआ। नाव पर सवार लोग गंगा नदी पार कर दूसरे गांव में आयोजित भोज में शामिल होने जा रहे थे। शुरुआती जानकारी में नाव पर करीब 15 से 20 लोगों के सवार होने की बात सामने आई, हालांकि यात्रियों की वास्तविक संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टें आई हैं।
मृतकों की पहचान 1-मीरा कुमारी पुत्री राम नरेश राय,2- निशु कुमारी पुत्री सत्येंद्र राय, 3-अनीषा कुमारी पुत्री सुरेन्द्र राय, 4- सुनीता कुमारी पुत्री राजकिशोर राय, 5-आर्यन कुमार पुत्र गांधी राय, 6-मोहन कुमार पुत्र अखिलेश राय, 7-अमृता कुमारी पुत्री राजकिशोर राय, 8-अंकिता कुमारी पुत्री राजकिशोर राय,9-पिंकी कुमारी पुत्री डोमन राय 10-नमन कुमार पुत्र मुकेश राय, 11-सिंकी कुमारी पुत्री सुरेश राय,12-भोंनू कुमारी पुत्री रामप्रवेश राय,13 सोनम कुमारी पुत्री नरेश राय के रूप में हुई है।
नाव नदी के बीच में पलट गई, जिसके बाद यात्रियों के डूबने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों, गोताखोरों और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की मदद से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। वैशाली की जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने 13 लोगों की मौत की पुष्टि की। बचाए गए सात लोगों को इलाज के लिए पटना भेजा गया, जहां उनकी स्थिति स्थिर बताई गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2 लाख रुपये की सहायता घोषित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को दो लाख रुपये और हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 4 लाख रुपये मुआवजे का किया ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया और प्रत्येक मृतक के परिजन को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
तेजस्वी यादव समेत कई नेताओं ने जताया शोक
राष्ट्रीय जनता दल के नेता और राघोपुर के विधायक तेजस्वी यादव ने भी हादसे पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर राहत एवं बचाव अभियान तेज करने की मांग की। उन्होंने प्रभावित लोगों की मदद के लिए घटनास्थल पर जाने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के अलावा अन्य नेताओं ने भी इस घटना पर दुख जताया है। हादसे में बच्चों की बड़ी संख्या में हुई मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
चंद्रशेखर आजाद ने की निष्पक्ष जांच की मांग
सांसद चंद्रशेखर आजाद रावण ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने बिहार सरकार से हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने और घायलों के समुचित एवं निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा इंतजाम करने पर जोर दिया।
नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
गंगा नदी में नाव पलटने की इस घटना ने नदी पार करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है। नाव की क्षमता, यात्रियों की संख्या, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और नदी में नाव संचालन के दौरान अपनाए जाने वाले नियमों की जांच महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, हादसे के सटीक कारणों का निर्धारण जांच के बाद ही किया जा सकेगा। प्रशासन के सामने अब प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने, हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की चुनौती है।