बुलडोजर न्याय को गैरकानूनी घोषित करें सुप्रीम कोर्ट, यह संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ : माले

बुलडोजर एक्शन के शिकार हो चुके विस्थापितों के साथ न्याय हो-सुधाकर यादव
लखनऊ, 17 सितंबर,2024 मंगलवार। भाकपा (माले) ने कहा है कि बुलडोजर कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट की एक अक्टूबर तक अस्थायी रोक से योगी सरकार को सबक लेना चाहिए। पार्टी ने सरकार द्वारा बुलडोजर न्याय करने को गैरकानूनी घोषित करने की मांग की है।
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बुलडोजर राज चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट इस पर रोक लगाए। सुंदरीकरण के नाम पर गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाने पर स्थायी रोक लगनी चाहिए। सांप्रदायिक नजरिये से या कारपोरेट के फायदे के लिए बुलडोजर द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न हो। पुश्तों और लंबे समय से बसे गरीबों को उनकी रिहाइशी जमीनों से न उजाड़ा जाए। बुलडोजर एक्शन के शिकार हो चुके विस्थापितों के साथ न्याय हो, उनका उचित पुनर्वास हो और क्षतिपूर्ति के तौर पर पर्याप्त मुआवजा मिले।
माले नेता ने कहा कि सरकार और प्रशासन के अधिकारियों में जज बनने की प्रवृत्ति बढ़ी है। यह तानाशाही है। बुलडोजर न्याय उसी का परिणाम है। यह संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है।