चंदौली में 2 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, जिले में बनाए गए 147 क्रय केंद्र, 2441 रुपये प्रति क्विंटल

147 क्रय केंद्रों के जरिए धान खरीद की तैयारी पूरी है, लेकिन किसानों के लिए असली चुनौती अब फार्मर रजिस्ट्री और पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करना है। समय रहते कागजी प्रक्रिया पूरी होगी, तभी खेतों में तैयार धान का उचित मूल्य पाने की राह आसान होगी।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह

चंदौली। धान की फसल तैयार होने के साथ ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने की कवायद तेज हो गई है। जिले में 2 नवंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीद शुरू होगी। इसके लिए प्रशासन ने 147 क्रय केंद्र बनाए हैं। इस वर्ष किसानों को 2441 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। हालांकि, खरीद का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री और किसान पंजीकरण अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के अनुमोदन के बाद जिले के सभी विकास खंडों में क्रय केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि धान खरीद सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। किसानों की सुविधा के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, पीसीयू, यूपीएसएस, भारतीय खाद्य निगम और मंडी समिति के माध्यम से केंद्र संचालित किए जाएंगे।

बरहनी में सबसे अधिक 32 क्रय केंद्र

ब्लॉकवार केंद्रों की बात करें तो बरहनी में 32, चकिया में 23, चंदौली सदर में 22, सकलडीहा में 18, धानापुर में 15, शहाबगंज में 13, चहनियां में 11, नियामताबाद में सात और नौगढ़ में छह क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस तरह जिले में कुल 147 केंद्रों पर किसानों से धान खरीदा जाएगा।

2441 रुपये समर्थन मूल्य, 20 रुपये अतिरिक्त

इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2441 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सफाई और छनाई के मद में खर्च होने वाले 20 रुपये प्रति क्विंटल भी किसानों को दिए जाएंगे। खरीद प्रक्रिया की निगरानी के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को जिला खरीद अधिकारी नामित किया गया है।

फार्मर रजिस्ट्री नहीं तो खरीद में आ सकती है परेशानी

इस बार धान खरीद में फार्मर रजिस्ट्री को विशेष महत्व दिया गया है। मुख्य रूप से इसी के आधार पर किसानों से धान खरीदा जाएगा। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई है, उन्हें खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना होगा। वहीं, जिन किसानों की रजिस्ट्री में कृषि भूमि के गाटे दर्ज नहीं हैं, वे समय रहते उन्हें जुड़वा लें, ताकि धान बेचने के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो।

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर खरीद

धान की खरीद पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। किसान अपनी उपज बेचने का क्रम निर्धारित कराने के लिए संबंधित क्रय केंद्र पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री अथवा पंजीकरण का विवरण देकर अपना क्रम दर्ज करा सकते हैं। एक नवंबर को रविवार का अवकाश होने के कारण यह प्रक्रिया भी दो नवंबर से शुरू होगी।

प्रशासन ने क्रय केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए हैं। खरीद में अनियमितता या लापरवाही मिलने पर केंद्र प्रभारी के साथ संबंधित संस्था के जिला प्रबंधकों की भी जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे समय रहते फार्मर रजिस्ट्री और पंजीकरण पूरा करा लें, ताकि निर्धारित समय पर अपनी उपज बेचकर समर्थन मूल्य योजना का लाभ उठा सकें।