चंदौली में 317 जोड़े बंधे दांपत्य सूत्र में

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प्रमाण पत्र देकर वितरीत की गई सामग्री, खाते में भेजे जायेंगे पैतीस हजार 


चंदौली 12 मार्च 2025। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले के धानापुर 59, सकलडीहा 71, चहनियां 42, बरहनी 05, नियामताबाद 28, चकिया 41, शहाबगंज 35, नौगढ़ 28, पंडीत दीनदयाल उपाध्याय नगर 05, नगर पंचायत सैयदराजा 03 कुल 317 जोड़ो की शादी संपन्न हुई. वहीं शासन द्वारा निर्धारित सामग्री का वितरण किया गया. इस दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा विवाह प्रमाण पत्र देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई.

बेटी का विवाह किसी भी अभिभावक के जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है. अगर बेटी गरीब की है तब तो उसके लिए यह जिम्मेदारी पहाड़ का बोझ उठाने जैसा होता है. ऐसे अधिकांश मामलों में बेटी के बाप का कर्जदार होना आम बात है. कभी-कभी तो घर का गहना, गुरिया और जमीन बेचने या बंधक करने की नौबत आ जाती है. लेकिन, अब ऐसा नहीं है.मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ ने ऐसी गरीब माता-पिता की बेटियों की शादी का जिम्मा अपनी सरकार पर डाल दिया है. 
सामूहिक विवाह का आयोजन भव्य हो इसके लिए इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी मेजबान की भूमिका में नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद देने के लिए मौजूद रहते हैं. इनके सहयोग से अधिकांश जगहों पर सहभोज का भी आयोजन होता है. यह सिलसिला जारी है.
उल्लेखनीय है कि 2017 में पहली बार सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत कराई थी. इस योजना का उद्देश्य शादियों में अनावश्यक प्रदर्शन और फिजूलखर्ची को खत्म करने के साथ ही गरीब परिवारों की बेटियों के ऐसे विवाह की व्यवस्था करना है जिसमें जिले के वीआईपी जुटे हों.
बाल विवाह रोकने में मददगार बनी यह योजना 
यह योजना बाल विवाह रोकने में मददगार हो रही है. बेटी की शादी के बोझ से निश्चिंत होने के बाद आम तौर पर उसके अभिभावक उसकी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं. इस तरह इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का भी नारा साकार हो रहा है.
बेटियों के खाते में जाते हैं 35 हजार 
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रति लाभार्थी 51 हजार रुपये खर्च किए जाते हैं, जिसमें 35 हजार लाभार्थी कन्या के खाते में, 10 हजार का सामान और 6 हजार रुपये प्रति लाभार्थी आयोजन पर खर्च होता है. सामान में वर और वधु के वस्त्र, साफा, चुनरी, चांदी की पायल-बिछिया, बैग, बर्तन, प्रेशर कुकर जैसी रोजमर्रा की गृहस्थी के सामान भी दिए जाते हैं.

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