चंदौली में बिजली बिल सुन सदमें में हुई उपभोक्ता की मौत

परिजनों ने बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लगाया आरोप
ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने कार्यवाई की किया मांग
चंदौली, धानापुर। कस्बा के इसरार हाशमी उर्फ़ मुन्ना पुत्र स्व मुह्म्मद शफ़ीक़ हाशमी की शुक्रवार को हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसरार की मौत के बाद परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। वहीं बिजली विभाग के कर्मचारियों को मौत का जिम्मेदार बताकर कार्रवाई की मांग कर रहें हैं।
मृतक के पुत्र अकबर हाशमी का आरोप है कि चार दिन पहले बिजली विभाग के कर्मचारी आए और 140,000 रूपये का बिल देते हुए तत्काल बकाया जमा करने को कहा। इसरार ने असमर्थता जताई तो घर की बिजली काट कर चले गए। अगले दिन इसरार की पत्नी तीन हजार रुपये लेकर पावर हाउस पर पहुंची और लाइट जोड़ने की बात कही और सिफारिश की कि लगन शुरू होने पर बकाया पैसा भी दे दिया जायेगा। इसपर कर्मचारी ने कहा कि 35 हजार बकाया जमा करने पर ही लाइट जोड़ी जाएगी।
अकबर ने बताया कि बिजली बिल आने के बाद से पिता परेशान रहने लगे। उन्हें इस बात की चिंता सता रही थी कि इतना भारी भरकम बिल कैसे जमा होगा। इसी सदमे से शुक्रवार को उनकी हालत बिगड़ गई। एकाएक वह बिजली बिजली बोलने लगे और उनके सीने में बेजोड़ दर्द उभर गई। आसपास के सहयोग से परिजन धानापुर सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उनकी मौत हो गई।
इसरार हाश्मी परिवार में एक ही कमासुत व्यक्ति था जो शादी विवाह में बैण्ड बाजा बजा कर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। इनके सिर पर दो बेटे और तीन बेटियों के शादी की जिम्मेदारी भी थी। आसपास के लोग और परिजन इनके मौत का जिम्मेदार बिजली विभाग के कर्मचारियों पर लगाया है।
ग्राम प्रधान रामजी कुशवाहा ने बताया की इसरार बिल को ठीक कराने के लिए धानापुर स्थित विद्युत उपकेन्द्र के लगातार चक्कर काट रहा था। मुकदमा दर्ज हो जाने के डर से वह काफी भयभीत था। कई बार विद्युत उपकेन्द्र पर बिल सही कराने के लिए पहुंचा, किंतु वहां उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। इस सदमे में दिल का दौरा पड़ गया उनकी मौत हो गई
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