डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हमारे देश के अमूल्य निधि थे-अरुण रत्नाकर

मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है, देश के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से नवाजे गए हैं
चंदौली,सकलडीहा। देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर मंगलवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय नई बाजार में शिक्षकों ने हर्षोल्लास से जयंती मनाई. विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अरुण कुमार रत्नाकर ने मिसाइल मैन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की.
श्री रत्नाकर ने बताया कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हमारे देश के अमूल्य निधि थे. जिन्हें मिसाइल मैन के नाम से जाना जाता था. इन्हें देश का सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से भी सम्मानित किया गया. डॉक्टर कलाम सरकारी विद्यालय में अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करते हुए भी पूरे विश्व के पटल पर ऐसी छाप छोड़ी जिसे हम सब कभी भूल नहीं पाएंगे.
इन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक और विज्ञान के व्यवस्थापक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) संभाला व भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम और सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे.
इन्होंने 1974 में भारत द्वारा पहले मूल परमाणु परीक्षण के बाद से दूसरी बार 1998 में भारत के पोखरान-द्वितीय परमाणु परीक्षण में एक निर्णायक, संगठनात्मक, तकनीकी और राजनैतिक भूमिका निभाई
विद्यालय के शिक्षक धर्मराज प्रसाद शतीश कुमार सुरेश कुमार ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला. विद्यालय के छात्र और छात्राओं द्वारा उनके जीवन आधारित बातों को भाषण के माध्यम रखा गया और उनको याद किया गया.