डीडीयू मंडल के 61 स्टेशनों पर रेल जनसंवाद, यात्रियों से मांगे सुझाव; स्वच्छता पर जोर
रेल जनसंवाद की असली सफलता केवल यात्रियों से सुझाव लेने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सुझावों को धरातल पर लागू करने में है। स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और यात्री सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई होने से रेलवे सेवाओं में सुधार आ सकता है। खासकर डीडीयू मंडल जैसे महत्वपूर्ण रेल मंडल में सभी 61 स्टेशनों पर एक साथ संवाद की पहल यात्रियों की समस्याओं को समझने का अवसर देती है। हालांकि, इस अभियान का वास्तविक असर तभी दिखाई देगा, जब प्राप्त शिकायतों और सुझावों की नियमित समीक्षा हो, जिम्मेदारी तय की जाए और सुधार की जानकारी यात्रियों तक पहुंचे। जनसंवाद को परिणामों से जोड़ना ही इसे प्रभावी और भरोसेमंद बनाने की कुंजी है।

गया में अपर महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार और डीडीयू जंक्शन पर डीआरएम उदय सिंह मीना ने यात्रियों से किया संवाद
चंदौली। रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं में सुधार, स्वच्छता को बढ़ावा देने और रेल प्रशासन व यात्रियों के बीच संवाद मजबूत करने के उद्देश्य से गुरुवार को पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल के सभी 61 स्टेशनों पर ‘रेल जनसंवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर विशेष अभियान 6.0 के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में यात्रियों से रेल सेवाओं, सुविधाओं, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव एवं फीडबैक लिए गए।
भारतीय रेल के लगभग 7,000 स्टेशनों पर एक साथ आयोजित इस पहल के तहत डीडीयू मंडल ने भी व्यापक स्तर पर जनसंवाद किया। यात्रियों से प्राप्त सुझावों को संकलित कर उनका नियमानुसार परीक्षण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गया में अपर महाप्रबंधक, डीडीयू में डीआरएम ने संभाली कमान
गया जंक्शन पर पूर्व मध्य रेल के अपर महाप्रबंधक अमरेंद्र कुमार और अपर मंडल रेल प्रबंधक सूरज कुमार ने यात्रियों से सीधा संवाद किया। अधिकारियों ने रेल सुविधाओं एवं यात्री सेवाओं के संबंध में उनकी राय जानी और सुझाव प्राप्त किए।

वहीं, डीडीयू जंक्शन पर मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने यात्रियों से संवाद कर स्टेशन की व्यवस्थाओं और स्वच्छता से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस दौरान मुख्य रोलिंग स्टॉक अभियंता राजेश कुमार, वरीय मंडल यांत्रिक अभियंता नितिन कुमार, मंडल पर्यावरण एवं गृह व्यवस्था प्रबंधक आलोक कुमार आर्य और मंडल वाणिज्य प्रबंधक विश्वनाथ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सासाराम स्टेशन पर अपर मंडल रेल प्रबंधक कुलदीप ने जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यात्रियों से बातचीत की।
स्वच्छता के लिए यात्रियों से मांगा सहयोग
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य रेलवे परिसर की साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और स्टेशनों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के प्रति यात्रियों को जागरूक करना रहा। जनसंवाद के दौरान यात्रियों से कूड़ा निर्धारित डस्टबिन में डालने, रेलवे परिसर को गंदा नहीं करने और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करने की अपील की गई।

कार्यक्रम में विशेष रूप से नई पीढ़ी और Gen-Z के साथ संवाद स्थापित करने तथा स्वच्छता अभियान में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने संदेश दिया कि स्वच्छ स्टेशन केवल विभागीय प्रयासों से नहीं, बल्कि यात्रियों की सक्रिय सहभागिता से ही संभव हैं।
मानसरोवर तालाब पर चला सफाई अभियान
रेल जनसंवाद के बाद डीडीयू जंक्शन के मानस नगर कॉलोनी स्थित मानसरोवर तालाब पर जनसहभागिता के माध्यम से साफ-सफाई अभियान चलाया गया। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना की अगुवाई में आयोजित इस अभियान के दौरान आसपास के निवासियों को तालाब में कूड़ा-कचरा नहीं फेंकने और जलस्रोत को स्वच्छ एवं सुरक्षित बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय लोगों के सहयोग से स्वच्छता को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित करना रहा।
एक्सपर्ट व्यू: संवाद से सुधर सकती हैं यात्री सुविधाएं
रेलवे में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जनसंवाद एक उपयोगी माध्यम है। यात्रियों से सीधे सुझाव मिलने पर साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और अन्य सेवाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऐसे कार्यक्रमों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्राप्त सुझावों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती है और यात्रियों को उसका कितना लाभ मिलता है। स्वच्छ रेलवे परिसर के लिए प्रशासनिक निगरानी के साथ यात्रियों की जिम्मेदार भागीदारी भी जरूरी है।
विशेष अभियान 6.0 के तहत आयोजित रेल जनसंवाद को रेलवे प्रशासन और यात्रियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल रेलवे परिसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।