धानापुर के वर्दीसाड़ा में सड़क-नाली के लिए भूख हड़ताल,सोनी की बिगड़ी हालत, पंचायत से लोकसभा चुनाव तक वोट बहिष्कार की चेतावनी
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, खड़ंजा और नाली जैसी बुनियादी सुविधाएं आम लोगों के आवागमन, स्वास्थ्य और शिक्षा से सीधे जुड़ी हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन को मौके पर निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वित्तीय अनियमितता के आरोपों की निष्पक्ष जांच और शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई से ग्रामीणों का भरोसा कायम रखने में मदद मिल सकती है।

दिवाकर रावण के नेतृत्व में धरने पर बैठे ग्रामीण, पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने दिया समर्थन; ठेकेदार पर 2.44 करोड़ रुपये की अनियमितता
चंदौली। धानापुर क्षेत्र के वर्दीसाड़ा गांव में सड़क, खड़ंजा और नाली निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। दिवाकर रावण के नेतृत्व में शुरू हुए आंदोलन को पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने समर्थन दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसडीएम और जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनाव तक मतदान का बहिष्कार करेंगे।
ग्रामीण महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उनकी शादी को 45 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन उन्होंने आज तक गांव में पक्की सड़क नहीं देखी। स्कूल की ओर जाने वाला रास्ता और गांव से पश्चिम दिशा में बाहर निकलने वाला मार्ग अब भी कच्चा और क्षतिग्रस्त है। किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस करीब 800 मीटर दूर ही रुक जाती है। ऐसे में मरीज को चारपाई पर लादकर वाहन तक पहुंचाना पड़ता है।
तबीयत बिगड़ने पर किशोरी को अस्पताल भेजा
ग्रामीणों के अनुसार, भूख हड़ताल सुबह नौ बजे शुरू हुई। इसी दौरान धरने पर बैठी 16 वर्षीय सोनी कुमारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। ग्रामीण उसे चारपाई पर लेकर गांव से बाहर निकले। इसके बाद पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने अपनी गाड़ी से उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजा, जहां उसका उपचार जारी है।
2.44 करोड़ रुपये की अनियमितता
धरने को समर्थन देने पहुंचे पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह डब्लू ने ठेकेदार पर 2 करोड़ 44 लाख रुपये की धनराशि में अनियमितता करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर समस्या है और ग्रामीणों को सड़क तथा नाली जैसी जरूरी सुविधाओं के लिए भूख हड़ताल करनी पड़ रही है।
पूर्व विधायक ने मौजूदा विधायक पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कम से कम इस गांव में विकास कार्यों की पहल करते हुए एक बोर्ड ही लगवा दें, ताकि ग्रामीणों को विकास की उम्मीद दिखाई दे।
अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी समाधान नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि वे सड़क, खड़ंजा और नाली की समस्या से एसडीएम, जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन कोई सक्षम अधिकारी गांव में पहुंचकर समस्याओं का जायजा लेने तक नहीं आया। इससे नाराज ग्रामीणों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मौके पर पहुंचकर समस्या का ठोस समाधान करना होगा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक गांव की समस्याओं का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनकी भूख हड़ताल जारी रहेगी। मांगें पूरी नहीं होने पर वे आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के साथ विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी मतदान नहीं करेंगे।इस दौरान उमेश भारती, प्रभाकर, राजेश, श्यामबिहारी, धारी राम, सौरभ सिंह, गोविन्द उजागीर, हीरावती सुनीता, कलावती, हीरामनी, हीरावती, राधिका, मुनिया, बीरेंद्र, महेन्द्र सहित सैंकड़ो की संख्या मे ग्रामीण मौजूद रहे।