गोवध और चोरी के दोषियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सुनाई सजा

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चंदौली, 14 मई 2026: जिले में चल रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन की बदौलत दो कुख्यात अभियुक्तों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभाष त्रिपाठी ने दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। थाना सैयदराजा और मुगलसराय के पुराने मामलों में ये सजाएं मिलीं, जो कानून प्रवर्तन एजेंसियों की दृढ़ता का प्रतीक हैं। मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी मनीष कुमार (एसपीओ) और संबंधित थानों की पुलिस की भूमिका सराहनीय रही।

थाना सैयदराजा मामला: गोवध निवारण अधिनियम के तहत सजा

थाना सैयदराजा पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 01/2000 धारा-3/5ए/8 गोवध निवारण अधिनियम तथा धारा-11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के मामले में अभियुक्त नूर मोहम्मद पुत्र मिना बक्स निवासी कजियाना, थाना कोखराज, जनपद कौशाम्बी को दोष सिद्ध।जेल में बिताई गई अवधि + 2500 रुपये का अर्थदंड।वहीं अर्थदंड न देने पर 30 दिनों का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। यह मामला 2000 का है, जो अभियान की लंबित केसों को निपटाने की क्षमता दर्शाता है।
थाना मुगलसराय मामला: चोरी व भादवि के तहत सजा
थाना मुगलसराय पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 236/2014 धारा-379, 411 भादवि के मामले में अभियुक्त बेचू उर्फ फारूख पुत्र मो0 सेराज निवासी अरईल, थाना चैनपुर, जिला भभुआ (बिहार) को दोष सिद्ध। जेल में बिताई गई अवधि + 2000 रुपये का अर्थदंड। वही अर्थदंड न देने पर 04 दिनों का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई । 2014 का यह केस भी अभियान के वैज्ञानिक जांच और पैरवी के फलस्वरूप निपटा।
इन सफलताओं से जिले में कानून का राज मजबूत होने का संदेश गया है। अभियोजन पक्ष और पुलिस की टीम ने साक्ष्यों को मजबूती से पेश कर अदालत में जीत हासिल की। जिला प्रशासन ने ऐसे अभियानों को तेज करने का संकल्प जताया है, ताकि अपराधी बच न सकें।

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