कांशीराम के दीवाने लखनऊ के लिए रवाना

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पुण्यतिथि पर बसपा करेगी शक्ति प्रदर्शन, पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी

लखनऊ: बसपा के संस्थापक व बहुजनों के रहबर कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर 09 अक्टूबर को पार्टी अपनी ताकत दिखाने के साथ कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने के लिए राजधानी में बड़ी रैली की है. परिनिर्वाण दिवस पर होने वाले आयोजन को पार्टी का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. माना जा रहा है कि बसपा पंचायत चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है. इसलिए प्रदेश में अपना माहौल बना रही है.

बसपा विधान मंडल दल के नेता उमाशंकर सिंह ने कहा कि 95 प्रतिशत पदाधिकारी और बूथ की कमेटियां देश भर में तैयार हैं. बसपा आने वाले चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरेगी. प्रदेश के 75 जिलों से करीब पांच हजार से ज्यादा बसें और एक दर्जन ट्रेनों से बसपा समर्थक 8 अक्टूबर से ही लखनऊ के लिए रवाना हुए हैं. इसके अलावा सभी जिलों से पार्टी समर्थक, पदाधिकारी और नेता अपने निजी वाहनों से भी लखनऊ आ रहे हैं. 
बसपा समर्थकों के रुकने का इंतजाम
बसपा समर्थकों के रुकने के लिए स्मारक स्थल के मुख्य गुंबद के पास मंच का इंतजाम किया गया है. पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक बसपा समर्थकों के रुकने और खाने का इंतजाम रमाबाई रैली स्थल पर किया गया है. पास ही पार्किंग को भी आरक्षित किया गया है. इसके लिए करीब एक हजार कार्यकर्ताओं की टीम बनाई गई है.
आज की रात होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
सभा से पहले कांशीराम स्मारक स्थल होर्डिंग, बैनर और झंडियों से पट गया है. यहां ‘आई लव बीएसपी’ की होर्डिंग्स भी लगाई गई है. शहर में दाखिल होने वाले रास्तों पर भी होर्डिंग्स लगाई गई है. सभा से पहले 08 अक्टूबर की रात को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. इसमें डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर मिशनरी जागृत जत्था के लोक कलाकार पार्टी की स्थापना से लेकर कांशीराम और बसपा सुप्रीमो मायावती के संघर्षों के बारे मे गीतों के जरिए बताएंगे. इसके अलावा बसपा की सरकारों में दलित उत्थान और समाज सुधार के लिए किए गए कामों की गूंज भी गीतों के जरिए गूंजेगी।
समर्थको ने कहा तुम ट्रेनें रद्द करो, हम पैदल ही चलेंगे, हमारा हौसला नहीं रोक सकते
चंदौली जिलाध्यक्ष घनश्याम प्रधान ने कहा कि तुम ट्रेनें रद्द करो, हम पैदल ही सही लेकिन आयेंगे, हमारा हौसला नहीं रोक सकते. देश के कोने कोने से बहुजनों का हुजूम पहुंचेगा और सारी रैलियों का रिकॉर्ड टूटेगा. भाजपा सपा और कांग्रेस को पीछे छोड़ने का ऐलान इसी रैली से होगा. वहीं आने वाले 27 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की बहन जी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगी. बताया कि दूसरे दलों की पार्टियां जात पात भेदभाव की राजनीति करती हैं, वहीं बीएसपी गरीब मजलूम असहाय लोगों के हक और अधिकार की बात करती है. बहुजन समाज पार्टी में जात-पात भेदभाव की राजनीति नहीं होती बल्कि हर वर्ग को एक साथ लेकर चलने का काम करती है।

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