—— क्या पुलिस अब कानून से ऊपर हो गई?

4d4cc6384815
कोर्ट की नोटिस को ठेंगा दिखा रही,पुलिस वर्दी हमले का लाइसेंस नहीं,पत्रकार मारपीट मामले पर बढ़ी सख्ती

चंदौली। खबर यूपी के चंदौली जिले के मुगलसराय थाने की है, जहां पुलिस टीम द्वारा होली के दिन पत्रकार मनीष कुमार रावत को सूचना देने पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर पीटा गया, फिर फर्जी केस में फंसाने की कोशिश की गई—पुलिस वर्दी का खुला दुरुपयोग किया गया। पीड़ित पत्रकार ने SC/ST एक्ट के तहत विशेष न्यायाधीश की अदालत में शिकायत दर्ज की।



पीड़ित पत्रकार की याचिका पर विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) ने पहली नोटिस भेज SI अभिषेक शुक्ला, आरक्षक अतुल सिंह, अनिल कुमार अंचल और SHO विजय बहादुर सिंह को हाजिर होने का आदेश जारी किया।पुलिसकर्मी हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद 2 मई 2026 को अनिवार्य हाजिरी का सख्त आदेश जारी हुआ। 

कोर्ट ने चेतावनी दी कि हाजिर न होने पर कठोर कार्रवाई होगी। अदालत ने स्पष्ट कहा: “पुलिस वर्दी कानून से ऊपर नहीं है। वर्दी हमले का लाइसेंस नहीं है, और निर्दोषों पर अत्याचार के लिए CrPC धारा 197 की कोई छूट नहीं मिलेगी।”

पुलिस की वर्दी का खुला दुरुपयोग देख जिले में पत्रकार संगठनों का आक्रोश चरम पर है। वे पुलिस की मनमानी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं। संगठनों का कहना है कि यह घटना पत्रकारिता की स्वतंत्रता पर हमला है और पुलिस को जवाबदेह बनाना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर यह मामला पुलिस सुधार की बहस को तेज कर रहा है, जहां कई संगठन CrPC 197 के दुरुपयोग पर सवाल उठा रहे हैं। SC/ST कोर्ट ने यह मामला गंभीर बताया है, जिसमें 6 माह से अधिक सजा हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *