लोन रिकवरी एजेंटों पर RBI का डंडा

62139e6e218b
धमकी-बदतमीजी करने वालों की खैर नहीं, 1अक्टूबर 2026 से लागू

नई दिल्ली: कर्ज वसूली के दौरान ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार, धमकी और देर रात कॉल्स पर अब कड़ा नियंत्रण लागू होने जा रहा है। रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने लोन रिकवरी एजेंटों के लिए नए नियमों का मसौदा जारी किया है, जिन्हें 1 अक्टूबर 2026 से लागू करने की तैयारी है।

समय सीमाएँ: रिकवरी एजेंट सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद कॉल या घर/कार्यालय पर संपर्क नहीं कर सकेंगे।
मनोवैज्ञानिक व शाब्दिक शोषण पर प्रतिबंध: गाली-गलौज, धमकाना, मानसिक दबाव बनाना, सोशल मीडिया पर बदनाम करना या जबरदस्ती करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
एजेंटों का सत्यापन और प्रशिक्षण: बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) को अपने रिकवरी एजेंटों का पुख्ता सत्यापन करना होगा; केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित एजेंट ही वसूली का काम कर सकेंगे।
कॉल रिकॉर्डिंग अनिवार्य: रिकवरी से संबंधित सभी कॉल रिकॉर्ड करना आवश्यक होगा ताकि विवाद की स्थिति में सबूत उपलब्ध रहे।
जवाबदेही: किसी भी उल्लंघन की स्थिति में एजेंट की जवाबदेही के साथ-साथ संबंधित बैंक/वित्तीय संस्था भी जिम्मेदार मानी जाएगी।
शिकायत का अधिकार: ग्राहक नियमों के उल्लंघन की शिकायत बैंक, पुलिस या बैंकिंग लोकपाल के पास दर्ज करा सकेंगे।
RBI का कहना है कि ये कदम उपभोक्ताओं की सुरक्षा और मानसिक शांति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हैं, साथ ही कर्ज वसूली के पारदर्शी और नैतिक तरीके को बढ़ावा देंगे। मसौदे पर सार्वजनिक और उद्योग से टिप्पणियाँ आमंत्रित की जा रही हैं; अंतिम नियमों को लागू करने से पहले संभावित संशोधनों पर विचार किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *