मांगों के समर्थन में लेखपालों का अनिश्चित कालीन धरना प्रारम्भ,कार्य बहिष्कार

निलंबित लेखपालो की बहाली की मांग,बैरंग लौटे फरियादी, पूर्व में चार लेखपाल हुए थे निलंबित
चंदौली। जनपद के तहसील सकलडीहा में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील ईकाई की ओर से पदाधिकारियों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। लेखपालों के अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन से सुबह से लेकर शाम तक तहसील पर पहुंचे क्षेत्र के फरियादियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा । उधर लेखपालों के हड़ताल को एसडीएम ने स्वहित के लिये धरना प्रदर्शन करने की बात कही है।
लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि तहसील प्रशासन लेखपालों द्वारा जायज मांगों को लेकर बार बार अनुरोध के बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। अधिकार की बात कहने पर लगातार लेखपालों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। जिसे लेकर लेखपाल संघ एक जुट है। पूर्व में निलंबित लेखपालों के बहाली की मांग करते हुए लम्बे समय से बकायों का तत्काल भुगतान करने की मांग किया।
लेखपालों ने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति के पत्रावली पर त्वरित कार्रवाई किया जाय। एसीपी (सुनिश्चित वेतन प्रोन्नति ) में त्वरित कार्रवाई का करने की मांग किया। अंत मे लेखपालों ने निलंबन बहाली तक अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन जारी रखने की बात कही। वही एसडीएम अनुपम मिश्रा ने बताया कि सरकारी कार्यो में आदेश के बाद भी लेखपालों की ओर से कोई कार्य नही किया जाता है। स्वंय के फायदा के लिये अनावश्यक रूप से दबाब बनाने के लिये धरना प्रदर्शन कर रहे है। जो क्षमा योग्य नहीं है।
इस मौके पर विरोध जताने वालों में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, जिला मंत्री विरेन्द्र मोहन कौशल, तहसील अध्यक्ष चंदन यादव, प्रेमानंद मौर्य, सुरेन्द्र, अम्बरीश सिंह, रामजनम प्रशांत, चन्द्रप्रकाश त्यागी, कपिलदेव यादव नंदलाल, रंजना सिंह, श्वेतिमा सिंह, शशीकला, भूपेन्द्र बहादूर, ओमप्रकाश, संजय पचौरी, धर्मेन्द्र मौर्या, सुभाष, चन्द्रकांत यादव, दीपराज पंकज, संजय मौर्या, रामकेश, रामबली, सुनील यादव, विनोद कुमार आदि लेखपाल मौजूद रहे।