मेधा पाटकर को 24 साल पुराने मामले में सजा दुर्भाग्यपूर्ण : माले

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लखनऊ, 1 जुलाई। भाकपा (माले) ने नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर को 24 साल पुराने मामले में पांच महीने की कैद और 10 लाख रु जुर्माना लगाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।


फोटो : मेधा पाटकर की फाइल फोटो 


पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि मेधा पाटकर जन आंदोलनों की जानी-मानी नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। दिल्ली के मौजूदा उपराज्यपाल और तत्कालीन केवीआईसी अध्यक्ष वीके सक्सेना द्वारा दायर मानहानि के मामले में उन्हें दिल्ली की एक अदालत से सजा सुनाई गई है।

 उपराज्यपाल हाल ही में प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका व एक्टिविस्ट अरुंधति रॉय के ऊपर आतंकवाद से जुड़े कानून यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति देने से भी चर्चा में आये थे। माले नेता ने कहा कि उक्त दोनों महिलाएं अन्यथा देश में नागरिक अधिकार व लोकतांत्रिक आंदोलनों की धरोहर हैं। उम्मीद जताई कि मेधा पाटकर को ऊपरी अदालत से अवश्य न्याय मिलेगा।

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