मनरेगा मजदूरों को केन्द्र सरकार का तोहफा,जानें किस राज्य के लिए मजदूरी दर क्या है

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नई दिल्ली l केन्द्रीय सरकार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अधिनियम 2005के धारा 6(1) मे प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय अधिसूचना के संख्यांक क.अ.463 अ 26 फ़रवरी 2013 का निम्नलिखित का संशोधन करते हुए उक्त अधिसूचना में अनुसूची के स्थान पर निम्नलिखित रखते हुए अकुशल हस्त कर्मकारों के लिए राज्यवार मजदूरी की दर मे बढ़ोत्तरी की है l इसलिए प्रत्येक राज्य में मजदूरी राशि अलग-अलग हो सकती है. मनरेगा मजदूरों की प्रतिदिन का मेहनताना राज्यवार 7 रुपये से लेकर 26 रुपये तक बढ़ाया गया है.
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना केंद्र सरकार का प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों की आजीविका सुरक्षा को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करना है. ताकि अनस्किल्ड वयस्क सदस्य शारीरिक श्रम के लिए स्वेच्छा से काम कर सकें और आजीविका का प्रबंध कर सकें. सरकार ने अब मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी की घोषणा की है. 

नई मजदूरी दर 1 अप्रैल 2024 से होगी लागू

7 रुपये से 26 रुपये प्रतिदिन मेहनताना बढ़ा
केंद्र सरकार ने 2023-24 वित्तीय वर्ष के लिए ग्रामीण नौकरी गारंटी कार्यक्रम मनरेगा के तहत मजदूरी दरों में बढ़ोत्तरी कर दी है. केंद्र ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 की धारा 6 (1) के तहत मजदूरों को अधिक मजदूरी की नई दरों को जारी किया है. निर्णय के बाद मनरेगा मजदूरों की वेतन वृद्धि राज्यवार 7 रुपये से लेकर 26 रुपये तक हुई है.


सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा और सबसे कम मध्यप्रदेश में है 

केंद्र के निर्णय के बाद सबसे ज्यादा मनरेगा मजदूरी राशि हरियाणा के मजदूरों को 357 रुपये प्रतिदिन मिलेगी. वहीं, सबसे कम मनरेगा मजदूरी राशि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में केवल 221 रुपये निर्धारित है. केंद्रीय ग्रामीण मंत्रालय विकास ने 24 मार्च को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी दरों में बदलाव करते हुए कहा कि नई मजदूरी दरों का भुगतान 1 अप्रैल 2023 से किया जाएगा.

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