मुगलसराय के लापता तीनों मासूम बरामद

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पारिवारिक झगड़े से नाराज़ बच्चे घर से भागे, 24 घंटे में SWAT ने सकुशल ढूंढ लिया।

चंदौली के मुगलसराय थाने में सनसनी फैलाने वाली ये घटना 13 अप्रैल 2026 को तब हुई जब सेंट डेवियर स्कूल, बेचूपुर से पढ़ाई के बाद लौटने वाले तीन नाबालिग बच्चे घर नहीं पहुंचे। नवाब अली ने तुरंत शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने धारा 137(2) BNS के तहत केस पंजीकृत किया और त्वरित जांच शुरू कर दी।

पुलिस की तेज़ कार्रवाई ने रचा इतिहास
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर, क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह और थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह की अगुवाई में SWAT व सर्विलांस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। गाजीपुर के मिश्र बाजार, कपूर नगर में बच्चों की लोकेशन ट्रैक हुई, जहां से तीनों को महज 24 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया गया। जांच में साफ़ हो गया कि कोई अपहरण या बहला-फुसलाने जैसी वारदात नहीं हुई—सब कुछ बच्चों की स्वेच्छा से हुआ।
बच्चों का दर्दनाक राज़ खुला
पूछताछ में पता चला कि नाबालिग लड़की अपने पिता के शराब पीकर झगड़ने और मां की पिटाई से तंग आकर घर छोड़ भागी। उसके दोस्ती के चलते रिश्तेदार के दो नाबालिग लड़के भी उसके साथ हो लिए। अब बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया जा रहा है, जहां लड़की की नाना के साथ रहने की इच्छा पर फैसला होगा।
अभिभावकों को कड़ी हिदायत
SP ने क्षेत्राधिकारी को माता-पिता से बात कर चेतावनी देने के आदेश दिए—अगर भविष्य में ऐसी कोई चूक हुई तो जिम्मेदारी उनकी होगी। साथ ही, बीट पुलिस को हफ्ते में एक बार घर जाकर बच्चों का हालचाल लेने और जरूरी कार्रवाई का निर्देश दिया गया। ये कदम न सिर्फ परिवारों को संभालेगा, बल्कि इलाके में बच्चों की सुरक्षा को मजबूत करेगा।
बरामदगी टीम: थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक सीताराम यादव, मनोज कुमार तिवारी, महिला HC शशि किरण राय व SWAT/सर्विलांस टीम। पुलिस की ये तत्परता इलाके वासियों के लिए मिसाल बन गई!

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