नाबालिग भगाने वाले शातिर अपराधी को सकलडीहा पुलिस ने धर दबोचा

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10 महीने से दे रहा था चकमा, 25 हजार का इनामी NBW

चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र में बीते साल एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी। लेकिन आरोपी सोनू बिंद, जो घटना के बाद से अपनी चालाकी से पुलिस के हत्थे चढ़ने से बचता रहा और 10 लंबे महीनों तक पुलिस को चकमा देते रहा। बार-बार दबिशें दी गईं, लेकिन वह भूमिगत हो गया। 

गुस्साए पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का भारी इनाम घोषित कर दिया, ताकि मुखबिरों की मदद से उसे पकड़ा जा सके। ऊपर से मजिस्ट्रेट कोर्ट ने भी कई नोटिस जारी किए—’कोर्ट में हाजिर होकर सफाई दो’—लेकिन सोनू ने इन सबकी धज्जियां उड़ा दीं। आखिरकार, अदालत ने उसके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट (NBW) जारी कर दिया, जो अपराधियों के लिए मौत का फरमान जैसा होता है।
आज, शुक्रवार को रात्रि 12: 00 बजे हिंदुस्तान पेट्रोल पंप लौंदा थाना अलीनगर के पास से पुलिस को गुप्त सूचना मिली। शातिर सोनू बिंद वहां छिपा हुआ था, शायद अगला प्लान बना रहा था। चंदौली पुलिस की टीम ने फटाक से दबिश दी और उसे धर दबोचा। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल लिया। तुरंत कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। यह गिरफ्तारी न सिर्फ पीड़िता के परिवार के लिए न्याय की पहली किरण है, बल्कि पूरे जिले के लिए एक चेतावनी भी—कानून का पंजा लंबा होता है, चाहे कितना भी चकमा दो।
सकलडीहा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई जारी है। पुलिस अब उसके साथी अपराधियों की तलाश में जुटी है। गिरफ्तारी करने वाले जाबाज सिपाहियों की टीम में थानाध्यक्ष भूपेन्द्र कुमार निषाद, उप निरीक्षक संतोष कुमार यादव, हेड कांस्टेबल सतीश यादव, कांस्टेबल विकास कुमार और संदीप यादव थे।

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