नेपाल से लौटे यात्रियों का डीडीयू जंक्शन पर हुआ आत्मीय स्वागत

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106 यात्रियों के लिए नाश्ता, फल, पानी, चाय और स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था, डीआरएम व महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा ने कोच में पहुंचकर जाना हाल
चंदौली। नेपाल में बाढ़ की विषम परिस्थितियों के बीच भारत लौट रहे यात्रियों के लिए रेलवे ने मानवीय संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। शनिवार को नेपाल से लौटकर महाराष्ट्र की ओर जा रहे 106 यात्रियों के डीडीयू जंक्शन पहुंचने पर मंडल महिला कल्याण संगठन की ओर से शॉर्ट नोटिस पर उनके लिए नाश्ता, फल, पानी और चाय की व्यवस्था की गई। यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को देखते हुए चिकित्सा टीम भी मौजूद रही और आवश्यकता के अनुसार दवाएं उपलब्ध कराई गईं।

ट्रेन संख्या 17609 पटना–पूर्णा एक्सप्रेस से यात्रियों के डीडीयू जंक्शन पहुंचने की सूचना दानापुर मंडल से मिलने के बाद पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल का महिला कल्याण संगठन तत्काल सक्रिय हो गया। यात्रियों की संख्या और उनकी यात्रा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कम समय में आवश्यक इंतजाम पूरे किए गए।

शनिवार सुबह करीब सवा दस बजे ट्रेन डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची। ट्रेन के रुकते ही मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना और महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा चित्रा सिंह स्वयं यात्रियों के बीच पहुंचे। दोनों ने कोच में यात्रियों की सीट तक जाकर उनसे बातचीत की और उनका कुशलक्षेम जाना। उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी होने के बारे में जानकारी ली तथा उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया।

इस दौरान यात्रियों को उनकी सीट तक नाश्ते के पैकेट, फल, पानी की बोतल और चाय उपलब्ध कराई गई। महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं के साथ रेल कर्मचारियों ने भी सेवा कार्य में सहयोग किया। अचानक तय हुई इस व्यवस्था के बावजूद जिस तत्परता से यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं, उसकी यात्रियों ने सराहना की।
स्वास्थ्य जांच के लिए मौजूद रही चिकित्सा टीम
यात्रा की थकान और विपरीत परिस्थितियों को देखते हुए यात्रियों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रखा गया। डीडीयू जंक्शन पर चिकित्सा टीम उपलब्ध रही। जरूरतमंद यात्रियों की स्वास्थ्य जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार दवाएं भी दी गईं। इससे यात्रियों को सफर के बीच स्वास्थ्य संबंधी जरूरी सहायता मिल सकी।
महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं और रेल कर्मचारियों ने यात्रियों से आत्मीयता के साथ बातचीत की। यात्रियों को यह भरोसा दिलाया गया कि रेलवे उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है।
पटना में दो अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाए गए
नेपाल में बाढ़ की स्थिति के बीच भारत लौट रहे यात्रियों की सुगम वापसी के लिए रेलवे की ओर से विभिन्न स्तरों पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रियों को पटना से आगे की यात्रा में सीट उपलब्ध कराने के लिए ट्रेन में दो अतिरिक्त थर्ड एसी कोच लगाए गए।
इसके साथ ही यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए डीडीयू मंडल की ओर से दो अतिरिक्त टिकट परीक्षकों की विशेष व्यवस्था की गई। इन टिकट परीक्षकों को यात्रियों के साथ प्रयागराज तक भेजा गया, ताकि यात्रा के दौरान टिकट और अन्य आवश्यकताओं से संबंधित मामलों में यात्रियों को तत्काल सहयोग मिल सके।
सूचना मिलते ही शुरू हुई तैयारी
दानापुर मंडल से यात्रियों के डीडीयू जंक्शन पहुंचने की सूचना मिलते ही महिला कल्याण संगठन ने बिना समय गंवाए तैयारियां शुरू कर दी थीं। यात्रियों के लिए खाद्य सामग्री, पानी और चाय की व्यवस्था के साथ चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई। कम समय में पूरी व्यवस्था को जमीन पर उतारने में महिला कल्याण संगठन की सदस्याओं और रेल कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शनिवार को ट्रेन के जंक्शन पहुंचने के बाद सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से लागू किया गया। यात्रियों को उनकी सीट पर ही सामग्री उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें प्लेटफार्म पर अनावश्यक रूप से इधर-उधर जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
यात्रियों ने जताया आभार
डीडीयू जंक्शन पर रेलवे की ओर से की गई इस पहल से यात्री काफी संतुष्ट नजर आए। उन्होंने महिला कल्याण संगठन और रेल प्रशासन के प्रति आभार जताया। यात्रियों ने कहा कि नेपाल में बाढ़ के बीच भारत लौटने के दौरान यात्रा आसान नहीं थी। ऐसे समय में रास्ते में रेलवे की ओर से भोजन-पानी और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं मिलना राहत देने वाला रहा।
रेलवे की इस पहल ने यात्रियों को सुविधा देने के साथ उन्हें भावनात्मक संबल भी दिया। डीआरएम उदय सिंह मीना और महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा चित्रा सिंह का स्वयं कोच में पहुंचकर यात्रियों से बातचीत करना भी इसी संवेदनशीलता का हिस्सा रहा।
रेल प्रशासन के अनुसार यात्रियों की सुविधा और सेवा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यकतानुसार आगे भी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। नेपाल से लौट रहे यात्रियों की सुरक्षित और सुगम वापसी सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के विभिन्न मंडलों के बीच समन्वय के साथ व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
डीडीयू जंक्शन पर आयोजित यह पहल रेलवे की यात्री सेवा व्यवस्था के साथ-साथ उसके मानवीय पक्ष को भी सामने लाती है। विपरीत परिस्थितियों में लंबी दूरी तय कर रहे यात्रियों के लिए कुछ समय का यह सहयोग उनके सफर को राहत और अपनत्व का एहसास देने वाला साबित हुआ।

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