पंजाब सरकार द्वारा किसानों के विरुद्ध की गईं कार्रवाई को लेकर भाकियू टिकैत ने राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन

किसानों के हित में उचित निर्णय लेने की मांग, सकारात्मक पहल नहीं हुई तो देश ब्यापी आंदोलन करने की चेतावनी
चंदौली, 21 मार्च 2025, सटीक संवाद।भारतीय किसान यूनियन टिकैत चंदौली के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह चौहान ने शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के मिलि भगत से की गई गिरफ्तारी और शंभु खनौरी बॉर्डर पर मोर्चेबंदी को ध्वस्त करने को लेकर एक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मू के नाम से जिलाधिकारी के माध्यम से अतिरिक्त अपर जिलाधिकारी विराट पांडेय को सौंपा.
सतीश सिंह चौहान ने कहा कि देश का किसान अपनी फसलों के वाजिब भाव के साथ उसकी गारंटी कानून की मांग सहित सभी मांगों को लेकर दिल्ली आन्दोलन से ही संघर्ष कर रहा है. देश के दो बड़े किसान मोर्चों सहित कुछ जत्थे बन्दियाँ हरियाणा व पंजाब बॉर्डरों शम्भू व खनौरी पर 13 माह से भी अधिक समय से शान्तिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आन्दोलन कर रहे थे.
केन्द्र सरकार किसानों से सभी विषयों को लेकर वार्ता कर रही थी, लेकिन 19 मार्च को जब किसान संगठन व सरकार के मध्य वार्ता समाप्त हुई तो उसके पश्चात वापस अपने मोर्चों पर लौट रहे किसान संगठनों के नेताओं को पंजाब सरकार के द्वारा गिरफ्तार किया गया और दोनों मोर्चों को प्रशासन के द्वारा तानाशाही रवैये से हटाया गया.
वहां मौजूद बुजुर्ग किसानों व महिलाओं को भी डिटेन किया गया. जिससे देशभर के किसानों के साथ साथ जिले में रोष की स्थिति व्याप्त हुई है. यह हमारे अधिकारों का हनन है, क्योंकि हमें ‘राईट टू प्रोटेस्ट’ यह अधिकार प्रदान करता है. आदरणीय महोदया जी इस विषय की गम्भीरता को समझते हुए देश के किसानों के हित में उचित निर्णय लेने का कष्ट करें व न्याय दिलाने का काम करेंगी.
अगर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो किसान देश ब्यापी आंदोलन करने पर मजबूर होंगे. जिसमे चंदौली के किसान बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेंगे. ज्ञापन देने वालों में भोलई, खिचडू, आनंद मौर्या, राजीव, कन्हैया, प्रभाकर, श्रवण, रामनारायण यादव, जीउत पाल, जीउत, दशरथ राम, लल्लन, मुंशी चौहान,आदि मौजूद रहे।