सहकारिता आर्थिक सामाजिक, शैक्षणिक परिवर्तन का मेरुदंड है-रमेश जायसवाल

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निर्बल व आशक्त का परस्पर सहयोग है,बिना संस्कार नहीं सहकार और बिना सहकार नहीं उद्धार

चन्दौली।रेवसा स्थित राजकीय आई टी आई कॉलेज यूनियन बैंक के सामने रविवार को सहकार भारती अपना 47वा स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया.

मुख्य अतिथि मुगलसराय विधायक रमेश जायसवाल व विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह ने संयुक्त रूप से सहकार भारती के संस्थापक लक्षण राव ईमानदार व स्वामी विवेकानंद के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुरुआत किया.वहीं सहकार भारती पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया.
विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि सहकारिता आर्थिक सामाजिक, शैक्षणिक परिवर्तन का मेरुदंड है. सहकारिता हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर तथा प्राचीन परम्परा है. सहकारिता का आशय निर्बल व आशक्त लोगों का परस्पर सहयोग है. ताकि वे उन लाभों को प्राप्त कर सके जो शक्तिशाली व धनी लोगों को है. 
 सहकारिता को समाज से जोड़कर बिना संस्कार नहीं सहकार बिना सहकार नहीं उद्धार के मूल मंत्र को जन जन तक प्रसारित करना है. सहकारिता समाज का प्राण है. लेकिन इसकी मृत्यु हो गई है. सहकारिता को जन जन तक जगाना होगा. तब सर्व समाज का सर्वांगीण विकास होगा. इसके लिए सबको आगे आकर सहकारिता के लिए कार्य करना होगा. तभी सहकारिता का सही उद्देश्य समाज को प्राप्त हो सकता है. 
विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह ने कहा कि सहकारिता किसानों के लिए बहुत ही सदुपयोगी है. सहकार भारती का मूल मंत्र बिना संस्कार नहीं सहकार है. इस मंत्र को लेकर सहकारिता कार्य कर रही है. जो काफी सराहनीय है. 
इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह, रविंद्र त्रिपाठी उर्फ बड़े तिवारी, डॉ0 वेदव्यास राय, राकेश सिंह, मिथिलेश सिंह, संतोष गुप्ता, विनीता अग्रहरि, धर्मेंद्र गुप्ता, सलोनी, सोनी, वासुदेव यादव, प्रेम शेर राय, सुरेश गुप्ता, अजय कुमार, धीरेन्द्र, नीरज सिंह, जनार्दन सिंह आदि रहे।

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