सकलडीहा में मुंसफी न्यायालय संचालन पर लगी मुहर

जिला जज ने दी सौगात, तीन दशक बाद मांग पूरी, अधिवक्ताओं में हर्ष
सकलडीहा,(चंदौली)। तहसील में मुंसफी न्यायालय संचालन पर जिला जज दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी ने शुक्रवार को मुहर लगा दी. वहीं सेंट्रल नाजिर अश्वनी कुमार को संचालन कार्य के लिए निर्देशित किया.हर्षित अधिवक्तओं ने जिला जज और एसडीएम, तहसीलदार को माला पहनाकर सम्मानित किया.
फोटो: जिला जज दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी सकलडीहा तहसील में मुंसफी न्यायालय के लिए भवनों का निरीक्षण करते हुए
लम्बे अरसे बाद सकलडीहा बार के अधिवक्ताओं के गुहार पर जिला जज ने भवन निरीक्षण करने के लिये सहमति जताया, और तहसील पहुंचकर एसडीएम कुंदन राज कपूर और तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव के साथ भवनों का निरीक्षण किया. तीन दशक बाद मुंसफी न्यायालय के संचालन का रास्ता साफ कर दिया.
20 अक्तूबर 1994 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने तहसील भवन का शिलान्यास किया था. तहसील भवन निर्माण होने से पूर्व तहसील का संचालन डायट परिसर में चल रहा था. 2001 में तहसील का संचालन नवनिर्मित भवन में शुरू हुआ.
इसके बाद से ही तहसील के अधिवक्ता चकिया और सदर तहसील की तरह सकलडीहा में भी मुंसफी न्यायालय के संचालन की मांग उठाने लगे. मुंसफी न्यायालय के लिए अधिवक्ताओं ने कई बार धरना प्रदर्शन किया और अधिकारियों के साथ जिला जज से मिलकर गुहार भी लगा चुके थे.
जिला जज ने दूसरे तल पर न्यायालय और नजारत सहित वाथरूम और अतिरिक्त कक्ष होने पर संतुष्टि जताया और स्वीकृति दी. सहमति मिलने पर अधिवक्ताओं ने जिला जज और तहसील के अधिकारियों की पहल का खूब सराहना किया.
इस मौके पर बार अध्यक्ष अशोक कुमार यादव, महामंत्री रामराज यादव,पंकज सिंह यादव, शिवकुमार सिंह, जगदीश सिंह,नितिन तिवारी, अजय कुमार सिंह,जनार्दन मिश्र, सुभाष सिंह, संजय श्रीवास्तव, उपेन्द्र नारायण सिंह, अतुल तिवारी, सुरेन्द्र कांत मिश्रा, शिवगोबिंद सिंह, श्रीकांत सिंह, सुरेश यादव,सहित अन्य सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हर्ष जताया।