सकलडीहा तहसील मार्ग पर नाला निर्माण में मानकों की अनदेखी

रजवाहा से तहसील होते हुए सीओ कार्यालय तक करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पांच मीटर चौड़ी सड़क, नाला और पटरी निर्माण का प्रस्ताव है। सड़क निर्माण का कार्य करीब छह माह पहले शुरू कराया गया था, लेकिन नाला निर्माण शुरू नहीं होने से जलनिकासी को लेकर समस्या बनी रही। अब लगभग एक सप्ताह से नाला निर्माण का काम कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सकलडीहा कस्बे में पिछले दिनों जलभराव की समस्या के कारण कई प्रमुख स्थान प्रभावित हुए। डायट, सीओ कार्यालय, कोतवाली, सकलडीहा इंटर कॉलेज, पीजी कॉलेज, खेल मैदान और तहसील मार्ग के आसपास पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। जलभराव की समस्या को लेकर विरोध के बाद नाला निर्माण शुरू कराया गया।
निर्माण शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने इसकी गुणवत्ता पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि नाले में लगाई जा रही सरिया और अन्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई जा रही है। कुछ स्थानों पर नाले का निर्माण सीधा नहीं होने की बात भी ग्रामीणों ने कही है। उनका कहना है कि यदि नाला निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं बनाया गया तो भविष्य में इसके क्षतिग्रस्त होने के साथ जलनिकासी की समस्या भी बनी रह सकती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की निगरानी के लिए जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों की मौके पर नियमित मौजूदगी नहीं है। इसी को लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने नाला निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता और निर्माण की तकनीकी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नाला निर्माण का मुख्य उद्देश्य कस्बे में जलभराव से राहत दिलाना है। ऐसे में निर्माण कार्य पूरा होने से पहले गुणवत्ता की जांच होने पर भविष्य में होने वाली परेशानी को रोका जा सकता है।
इस संबंध में एसडीएम आकांक्षा सिंह ने कहा कि यदि नाला निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र भेजकर विभागीय जांच कराई जाएगी।