सरकार संगम में डुबकी लगाने में तल्लीन, उधर कानून व्यवस्था के उड़ रहे परखचे-माले

अयोध्या में दलित युवती की हत्या, न्याय दिलाने की मांग
लखनऊ, 3 फरवरी। भाकपा (माले) ने कहा है कि पूरी प्रदेश सरकार संगम में डुबकी लगाने में तल्लीन है, उधर कानून व्यवस्था के परखचे उड़ रहे हैं. पार्टी ने अयोध्या में तीन दिन से गायब दलित युवती की क्षत विक्षत लाश मिलने पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया है और पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि अयोध्या कोतवाली क्षेत्र की रोंगटे खड़ी कर देने वाली घटना ने दिल्ली के निर्भया कांड की याद दिला दी। गांव के भंडारे में शामिल होने गई दलित युवती के साथ हत्यारों ने बहुत ही अमानवीय व्यवहार किया.
परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। मामला दलित महिला का होने के कारण प्रशासन सुस्त रहा. तीसरे दिन गांव के पास की सूखे नाले में नंगी पड़ी लाश की बरामदगी पुलिस ने नहीं, परिजनों ने कराई. यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है. लाश की हालत गवाह है कि दरिंदे महिला को नोचने में सारी हदें पार कर गए थे.
माले राज्य सचिव ने घटना के संदर्भ में मुख्यमंत्री योगी के उस बयान पर सवाल खड़ा किया, जिसमें सीएम ने प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल को निशाने में लेते हुए कहा कि जरूर उसका कोई दरिंदा इसमें शामिल रहा होगा. माले नेता ने कहा कि बिना उचित जांच के सीएम ऐसा कैसे कह सकते हैं? उन्नाव से लेकर बीएचयू गैंगरेप तक में किस दल से जुड़े पदाधिकारी शामिल थे? प्रदेश की सर्वोच्च कुर्सी पर बैठकर जांच से पहले ही संकेत करना जांच को प्रभावित करने की कार्रवाई है, जो असल दोषी को बचाने और न्याय दिलाने की राह में बाधा डालने जैसा है.
माले नेता ने कहा कि दलित लड़की के साथ हुई बर्बरता ने प्रदेश ही मानवता को शर्मसार किया है. यह प्रदेश में जंगल राज का प्रतीक है. पुलिस ने पीड़ित परिवार की गुहार पर तत्परता दिखाई होती, तो शायद इतनी बड़ी घटना न होती. घटना के बाद भी प्रशासन द्वारा तथ्य छुपाए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सीएम बेवजह दोषारोपण करना छोड़कर असल हत्यारों को सजा दिलाएं और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को दंडित करें।