माइक्रो फायनेंस के कर्जे गरीबों की आत्महत्या का कारण बन रहे : माले

कर्ज के दबाव में खुदकुशी करने वाली महिला के घर पहुंची पार्टी टीम
पीड़ित परिवार को पांच लाख रूपये मुआवजा, ऋणदाता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
लखनऊ, 14 जनवरी। महाराजगंज जिले के कोठीभार थाना अंतर्गत ग्राम बेलभरिया में कर्ज के दबाव में खुदकुशी करने वाली महिला के घर भाकपा माले पार्टी की चार सदस्यीय टीम पहुंच कर पीड़ित परिवार से भेंट की और सांत्वना दी. वहीं कहा कि माइक्रो फायनेंस के कर्जे गरीबों की आत्महत्या का कारण बन रहे हैं.
राज्य सचिव सुधाकर यादव ने मंगलवार को टीम के हवाले से बताया कि स्वयं सहायता समूह चलाने वाली ऋणदाता आरोहण मइक्रोफायनेंस कंपनी से मजदूर परिवार की अंगिरा (महिला, 27) ने 45 हजार रु कर्ज लिया था. ऋण अदायगी में 14 किस्तें उन्होंने जमा कर दी थीं. गरीबी और घर के सदस्यों के इलाज के चलते वह आगे की किस्तें जमा नहीं कर पा रही थीं. कंपनी के एजेंटों के दबाव, धमकी व अपमान से आजिज आकर महिला ने विगत 09 जनवरी को फांसी लगाकर मौत को गले लगा ली.
मृतका के पति मुकेश मजदूरी करते हैं. घर में लकवाग्रस्त पिता और दो छोटे बच्चे हैं. परिवार के पास मात्र तीन डिसमिल जमीन है. पुलिस ने पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंप दिया, लेकिन कंपनी वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की. प्रशासन का कोई अधिकारी पीड़ितों के यहां झांकने भी नहीं आया.
राज्य सचिव ने पीड़ित परिवार को पांच लाख रूपये मुआवजा, ऋणदाता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई और गरीबों की कर्जमाफी की मांग की. भाकपा (माले) टीम का नेतृत्व राज्य समिति सदस्य हरीश जायसवाल ने किया. टीम में जिला सचिव संजय निषाद, मोहन पासवान और जी. विश्वकर्मा शामिल थे. इस सिलसिले में पार्टी नेता जिला प्रशासन के अधिकारियों से जल्द मिल कर मांगों पर कार्रवाई के लिए बात करेंगे.