बुद्ध ने दिखावे और पाखंड के बजाय वास्तविक जीवन के मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों को महत्व दिया-अरविंद कुमार

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चंदौली, सटीक संवाद। बुद्ध ने दिखावे और पाखंड के बजाय वास्तविक जीवन के मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों को महत्व दिया. वे धार्मिक कर्मकांडों, सामाजिक असमानता और भेदभाव के खिलाफ थे और सत्य तथा ज्ञान की खोज पर जोर दिया.आज बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था, इसी दिन उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महानिर्वाण भी हुआ था. तथागत बुद्ध, अशोक सम्राट और बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलकर उनके सपनों का भारत बनाना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी. उक्त बातें आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के चंदौली जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने पपरौल गांव स्थित अंबेडकर पार्क में मनाई जा रही बुद्ध पुर्णिमा/जयंती पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा.

फोटो: पपरौल गांव स्थित अंबेडकर पार्क में बुद्ध पुर्णिमा मनाते हुए आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण


बता दें कि आज के दिन चंदौली जनपद सहित प्रदेश, देश और विदेशों के कोने कोने में बुद्ध पुर्णिमा हर्षोल्लास पूर्वक धूमधाम से मनाई गई, इस दौरान वक्ताओं द्वारा उनके जीवन संघर्षों और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया साथ ही उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया. इसी क्रम में जनपद चंदौली के अनेकों गावों में आजाद समाज पार्टी के तत्वावधान में बुद्ध पुर्णिमा हर्षोल्लास एवं संवैधानिक तरीके से मनाई गई. इस दौरान बुद्ध के उपदेशों पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया. वहीं आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा उनके जीवन संघर्षों और विचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया.

सिद्धार्थ प्राण बाहु (जिला महासचिव चंदौली) ने कहा कि तथागत बुद्ध को जब ज्ञान की प्राप्ति हुई तो उन्होंने पहला उपदेश बनारस के सारनाथ में दिया था. उनका मानना था कि सुख और दुःख जीवन के दो पहलू है. मनुष्य के जीवन में किसी चीज की आवश्यकता की पड़ना ही दुःख है, आवश्यकताओ का बढ़ते जाना ही दुःख का कारण है और आवश्यकताओं की समाप्ति ही दुःख का निवारण है. 
अर्थात् जिस दिन व्यक्ति को किसी चीज की आवश्यकता नहीं होगी उस दिन उसके दुःख का निवारण हो जायेगा. बुद्ध ने तर्क और अपने विवेक से सोचने के महत्व पर जोर दिया. बुद्ध ने अपने अनुयायियों को अपनी शिक्षाओं को आँख मूंदकर मानने के बजाय, अपने विवेक और तर्क से जांचने की सलाह दी. आज दुनिया में 137 देश के लोग बौद्ध धम्म को अपनाएं है और विश्व के बौद्धों के साथ जुड़ कर बौद्ध धम्म को आगे बढ़ा रहें हैं. 
इस दौरान मिशन गायक सुजल सागर ने बीच बीच में मिशन गीत गाकर समा बांधे रहा. इस अवसर पर अशोक कुमार गौतम, जयकुमार राम, सुबोध गौतम, अखिलेश गौतम, सतीष, सुरेश सहित समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे एवं आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)की सदस्यता ग्रहण कर संगठन को मजबूत करने का शपथ लिए।

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